पिता अपनी बेटी के शव को सीने से लगा कर रोने लगे। वो बार-बार कह रहे थे कि अभी तो ये खेल रही थी, अचानक क्या हो गया, उठ जा। अस्पताल के कर्मचारी उन्हें समझाते रहे।
कोर्ट ने कहा कि यह याचिका मात्र लड़की और उसके परिवार की छवि खराब करने के उद्देश्य से डाली गई है और इससे याचिकाकर्ता उन पर दबाव डाल कर अपने मन का निर्णय करवाना चाहता है।