कॉन्ग्रेस पार्टी भी अच्छा काम कर रही है, लेकिन समय-समय पर पुरानी खटिया रह-रह कर कुरकुर की आवाज करती है। खटिया पुरानी है लेकिन इसकी एक ऐतिहासिक विरासत है।
राहुल गॉंधी ने जो 2013 में किया उसे प्रियंका गॉंधी 2020 में अजय सिंह लल्लू के नाम पर दोहराने की कोशिश में हैं। दिलचस्प यह है कि इस कोशिश में चायवाले का मजाक उड़ाने वाली कॉन्ग्रेस नमक बेचने की दुहाई दे रही है।
इस कदम ने इंदिरा गाँधी को और भी अधिक निरंकुश बना दिया था। फिर पत्रकारों की गिरफ्तारी से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं के खून से लोकतंत्र के इतिहास का सबसे कलंकित अध्याय लिखा गया।
"जब मैंने उनसे पूछा कि मुझे क्यों रोका जा रहा है, मेरे CFO एस सुंदरम से इतनी देर से क्यों पूछताछ हो रही है तो पुलिस ने कहा कि ये मेरी मनमर्जी है, हम जितनी देर चाहें, आपको रोक सकते हैं, इंतजार करवा सकते हैं।"