आशा वर्कर के अनुसार मस्जिद से घोषणा के बाद तकरीबन 100 लोगों ने उन्हें घेर लिया। कोरोना की आशंका वाले लोगों से संबंधित जानकारी जुटाने से उन्हें रोका। पीड़ित महिला ने भीड़ को भड़काने के लिए मस्जिद प्रबंधन के खिलाफ तुरंत एक्शन लेने की माँग की है।
"अल्लाह हमारी दुआ कबूल करे। अल्लाह हमारे भारत में एक ऐसा भयानक वायरस दे कि दस-बीस या पचास करोड़ लोग मर जाएँ। क्या कुछ गलत बोल रहा मैं? बिलकुल आनंद आ गया इस बात में।"
ईरान कोरोना वायरस संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित मुल्कों में है। ईरान में कोरोना से मरने वालों की संख्या बुधवार को 3036 हो चुकी थी। संक्रमित लोगों की संख्या 47,593 थी। इराक में कोरोना की वजह से कई प्रांतों में कर्फ्यू लगाना पड़ा है।
दिल्ली का एलएनजेपी अस्पताल हो या हैदराबाद का गॉंधी हॉस्पिटल। समुदाय विशेष के मरीज अब भी मनमानियों से बाज नहीं आ रहे। गॉंधी हॉस्पिटल में जिनलोगों को क्वारंटाइन किया गया है उनकी सामूहिक रूप से नमाज अदा करती तस्वीरें सामने आई है।
PM मोदी ने लोगों से 21 दिन तक घरों में रहने की अपील बेहद सामान्य शब्दों में और विनम्रतापूर्वक की थी। फिर भी एक विशेष वर्ग, जिसने सत्ता-विरोधियों के एक ही इशारे में नागरिकता कानून को समझ लिया था और शाहीनबाग़ खड़ा कर दिया, के लिए यह अपील समझनी मुश्किल नजर आ रही है।
"तबलीगी जमात के ज्यादातर सदस्य जाँच में सहयोग नहीं कर रहे। इसके कारण हमारे स्टाफ की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। जिन तीन ब्लॉक में इन्हें रखा गया है वहॉं पुलिस की तैनाती करनी पड़ी है।"
इस बीच दिल्ली की तबलीगी जमात में शरीक हुए यूपी के 569 लोगों को अब तक विभिन्न जिलों में क्वारंटाइन किया गया है। वहीं प्रदेश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 2, जबकि इससे संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 117 से अधिक हो गई है।
राष्ट्रपति के इस ऐलान के बाद कुछ एक्टिविस्ट उनकी आलोचना कर रहे हैं। उनके बयान को हिंसक बता रहे हैं और कह रहे हैं कि यही सब ड्रग्स के खिलाफ शुरू हुई जंग के दौरान उन्होंने किया था, वे वैसा ही दोबारा कर रहे हैं। उस समय भी पुलिसवालों ने हजारों लोगों को मार दिया था और अब भी यही आदेश दे रहे हैं।
क्राइम ब्रांच एएसपी ने बताया आरोपित इरशाद नाम के युवक ने व्हाट्सएप पर 'मस्ती की पाठशाला' नाम से ग्रुप बना रखा था। इस ग्रुप में जुड़े कई युवक लगातार संदेश लोगों को संदेश भेजकर यह भ्रम फैला रहे थे कि कोरोना के इलाज की आड़ में जो डॉक्टर उनके मोहल्लों में आ रहे हैं, वे जहरीला इंजेक्शन दे रहे हैं। इसलिए उनका बहिष्कार करें।
ईरान में लगातार बढ़ते कोरोना के मरीजों की संख्या के बीच कुछ मौलवी पैगंबर के इत्र और फूलों के तेल से इस्लामी चिकित्सा को बढ़ावा दे रहे हैं। ईरान के मौलवियों की मूर्खता से वहाँ लगातार कोरोना के मरीजों की संख्या और मौतों का आँकड़ा भी बढ़ता चला जा रहा है।