गर्भवती महिला तस्लीमा, प्रसव पीड़ा और असहाय भाई फैज। अस्पताल जाते समय चारों तरफ बर्फ ही बर्फ और रास्ता जाम। तभी वहाँ पहुँचते हैं सेना के जवान। 3 Km बर्फ़ में पैदल लादकर पहुँचाते हैं अस्पताल और गूँज उठती हैं किलकारियाँ। तभी फैज ने कहा - "अगर सेना के जवान न होते तो घर में जश्न के बजाय मातम मन रहा होता।"
हालात का जायजा लेने के बाद विदेशी राजनयिकों ने कहा कि स्थानीय लोगों ने रक्तपात के पाकिस्तानी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। हिंसा के लिए पाकिस्तान को ही कसूरवार ठहराते हुए स्थानीय लोगों ने उस पर दबाव बनाने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि वे सुरक्षा के मुद्दे के साथ मानवाधिकारों और स्वतंत्रता को संतुलित करने की पूरी कोशिश करेंगे। इंटरनेट पर एक समय-सीमा तक ही रोक लगनी चाहिए।
"मेरे 3-4 साल के बच्चे भूखे हैं, हम फँस गए हैं" - आसिफा के एक फोन पर CRPF की 157वीं बटालियन तुरंत एक्शन में आई। दाल-चावल, दो-ढाई लीटर दूध, 6 लीटर गर्म पानी, फल और बिस्किट के पैकेट बाँधकर 6 लोगों की टीम निकल पड़ी बर्फ़ीले रास्ते पर - 12 किलोमीटर पैदल चलते हुए।
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती को हिरासत में लिए जाने के बाद उनकी इच्छा से मांसाहारी भोजन मुहैया कराया जाता था। लेकिन, एक महीने से दोनों ने मांसाहारी खाना चखा तक नहीं है। अब साग, दाल, सब्जी ही उनकी खुराक है।
ट्रंप ने खुलासा किया है कि सुलेमानी पर निर्दोष लोगों की मौत की सनक सवार थी। दिल्ली में हुई आतंकी घटनाओं के पीछे भी सुलेमानी का हाथ रहा है। उसने लंदन में भी आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया था।
23 वर्षीय आतंकवादी निसार अहमद डार हाजिन के वहाब पर्रे का रहने वाला है। इस बात का भी पता चला है कि वो पिछले कुछ समय से आतंकियों को हथियार सप्लाई करता था। आतंकी निसार के ख़िलाफ़ 2017 से लेकर 2019 तक आठ FIR दर्ज है।
"अभी यह फैसला नहीं लिया गया है कि इंटरनेट सेवाएं कब शुरू की जाएँगी। यह मुद्दा सरकार के संज्ञान में है। स्थिति सुधरने के साथ जल्द ही इंटरनेट सेवा भी शुरू कर दी जाएगी।"
स्टेनोग्राफर, टाइपिस्ट और ड्राइवर सहित कई पदों पर वैकेंसी निकली है। आवेदक विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग आवेदन भी कर सकते हैं। वहीं जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए जो पद आरक्षित हैं, उन्हें 'स्थायी निवासियों' के लिए रखा गया है।
रिहा किए गए नेताओं में पीडीपी के 2 पूर्व विधायक जहूर मीर और यासिर रेशी, नेशनल कॉन्फ्रेंस के 2 पूर्व विधायक इश्फाक जब्बार, गुलाब नबी और 1 कॉन्ग्रेस विधायक बशीर मीर शामिल हैं।