महिला के मुताबिक झाड़फूँक के बाद उसे पानी पीने को दिया गया और 20 दिन बाद वापस आने को कहा गया। जब वह दोबारा गई तो फिर वही पानी पीने को दिया गया। इस बार वह पानी पीकर बेहोश हो गई। जब होश आया तो...
घटना झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के गुदड़ी की है। पत्थलगढ़ी समर्थकों ने इसका विरोध करने वाले बुरुगुलीकेरा ग्राम पंचायत के उपमुखिया समेत सात ग्रामीणों की हत्या कर दी। पत्थलगड़ी समर्थक इन्हें अगवा कर जंगल में ले गए फिर बेरहमी से हत्या कर दी।
धनबाद के झरिया में महिलाओं से बदसलूकी। शवयात्रा में शामिल लोगों को भी पीटा। बीते दिनों धनबाद में सीएए विरोध के नाम पर भी पैदी की गई थी अराजकता। दबाव में 3000 दंगाइयों के साथ प्रशासन ने दिखाई थी नरमी।
भले ही इस पत्थलगड़ी आंदोलन में हिंसा हुई हो, गैंगरेप तक किया गया हो। भले ही सांसद करिया मुंडा के सुरक्षाकर्मियों का पत्थलगड़ी समर्थकों ने अपहरण तक कर लिया हो। भले ही किसी पत्रकार की जान तक चली गई है! लेकिन शिबू सोरेन की राजनीति का फल खा रहे हेमंत भला अपने पिताजी की बातों से पीछे कैसे हटते! इसलिए उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के 3 घंटों के भीतर ही...
झामुमो के साथ कॉन्ग्रेस पहले भी सरकार में साझेदार रही है। फिर भी हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण में सोनिया गॉंधी नहीं पहुँचीं। क्या कर्नाटक के अनुभव और आम चुनावों के नतीजों से मारा विपक्ष अब मट्ठा भी फूॅंक-फूॅंक कर पी रहा है?
विनीता अपने घर से बीते बुधवार से गायब थी। लेकिन उसके गुमशुदगी का कोई मामला दर्ज नहीं था। मुंसिफ खान ने पुलिस से पूछताछ में अब तक बताया है कि उसने विनीता से प्रेम विवाह किया था। जिनके 2 बच्चे भी हैं। लेकिन बता दें जब पुलिस मुंसिफ को लेकर उनके घर पहुँची, तो वहाँ वे बच्चे दिखाई नहीं पड़े।
55 लाख लोगों को आयुष्मान भारत के तहत इ-कार्ड्स दिए गए। 30 लाख गैस कनेक्शन बाँटे गए। कृषि आशीर्वाद योजना का लाभ 20 लाख किसानों को मिला। तेजस्विनी योजना से 10 लाख किशोरियों व युवतियों को जोड़ा गया। फिर भी रघुबर अपनी सरकार क्यों नहीं बचा पाए?
झारखंड से चुनाव लड़ने वाले दो ही उम्मीदवार पीएचडी हैं। इनमें एक लुइस मरांडी हैं। दुमका में कभी सहायक शिक्षिका रहीं लुइस कैसे बनी झारखंड की 'The Giant Killer'?
मृतक रामप्रवेश सिंह वही अधिवक्ता थे, जिन्होंने 19 साल की ऋचा भारती के उस मामले की पैरवी की थी, जिसमें कोर्ट द्वारा उन्हें (ऋचा भारती) सोशल मीडिया पर साम्प्रदायिक पोस्ट की सज़ा के रूप में क़ुरान बाँटने का आदेश दिया गया था। इस मामले में ऋचा भारती को ज़मानत दिलाने के बाद वो चर्चा में आ गए थे।