"लाशें किस तरह से रखी जा रही हैं? ये क्या हो रहा है? अगर लाशों के साथ ऐसा सलूक हो रहा है, अगर लाशें कचरे के ढेर में मिल रही हैं तो यह इंसानों के साथ जानवरों से भी बदतर सलूक है।"
ये अरविंद केजरीवाल की सरकार है। महिला पत्रकार को हेयर कटिंग की शुभकामना मिल रही है। पर उनकी व्यथा अनसुनी है जो कोरोना टेस्ट के लिए भटक रहे। जिन्हें अस्पताल एडमिट नहीं कर रहे।