देश के साथ-साथ दिल्ली में तेजी से कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ाने के लिए जिम्मेवार तबलीगी जमात को लेकर केजरीवाल ने पहली बार सच को स्वीकार कर लिया है। पीएम मोदी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिग जरिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि तबलीगी जमातियों के चलते कोरोना से जूझने के लिए सरकार को और वक्त चाहिए।
देश में घोषित किए गए लॉकडाउन के बीच 28 मार्च से उत्तरी दिल्ली के मजनू-का-टीला गुरुद्वारा में फँसे सिखों को दिल्ली सरकार ने नेहरू विहार के एक स्कूल में शिफ्ट करने का फैसला किया है। साथ ही सरकार ने फैसला लिया है कि सभी लोगों को क्वारंटाईन करके जाँच के लिए उनके सैंपल लिए जाएँगे।
केजरीवाल ने तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली है। लेकिन, एक बार फिर अपनी कैबिनेट में महिलाओं को शामिल नहीं किया है। इससे सवाल उठने लगे हैं कि क्या उनके लिए महिलाएँ केवल वोट बैंक हैं?
निर्भया की माँ आशा देवी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दोषियों के वकील खुलेआम चुनौती दे रहे हैं, कि दोषियों को कभी फाँसी नहीं दी जाएगी और ऐसे ही फाँसी की तारीख आगे बढ़ती रहेगी। इससे साफ है कि कोर्ट और सरकार दोषियों को बचाने का काम कर रही है।
केंद्र सरकार ने देश भर में 21 शहरों के नमूनों की जाँच की। जाँच में पता चला कि मुंबई का पानी सबसे अव्वल है, तो दिल्ली का पानी सबसे ख़राब। इसमें राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के 11 इलाक़ो से नमूने लिए गए थे।
कोर्ट ने इन दोनों ही मंदिरों को हटाने का आदेश देते हुए कहा कि लॉ एन्फ़ोर्समेंट एजेंसी फ़ैसला लें कि यह कैसे और किस तरीक़े से संभव हो सकेगा। साथ ही कोर्ट ने इन आदेशों की एक तय अवधि के अंदर पूरा करने की ज़िम्मेदारी...
दिल्ली विधानसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर जो मुफ़्त बिजली बिल से संबंधित दस्तावेज़ उपलब्ध हैं, उसके अनुसार, सिर्फ़ 31 मार्च 2020 तक ही 200 यूनिट मुफ़्त बिजली का प्रावधान किया गया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल अपनी चुनावी राजनीति को अंजाम देते हुए जनता को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्होंने...
अदालत ने कहा कि आपको शर्म नहीं आती कि इसी प्रदूषण के कारण विमानों के हवाई मार्ग बदले जा रहे हैं, करोड़ों लोग अपने घर में भी सुरक्षित नहीं हैं, उनके लिए यह जिंदगी और मौत का सवाल बन गया है
छठ पूजा के मौके पर दिल्ली सरकार द्वारा पर्व के मनाए जाने के लिए सजाए गए 1,108 घाटों पर त्यौहार को प्लास्टिक और पटाखों से दूर रखने की सलाह दी गई है। घाटों पर तैनात नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों और सरकारी अधिकारियों की ज़िम्मेदारी होगी कि वे इन घाटों पर प्लास्टिक के उत्पादों के प्रयोग और आतिशबाजी को हतोत्साहित करें।