प्रदर्शनकारियों ने एक गधे का पुतला भी बनाया और उसके चेहरे पर पीएम मोदी की तस्वीर चिपका दी थी। वहीं इसके शरीर पर मुकेश अंबानी और अडाणी की तस्वीरें लगाई गई थी। प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री ‘कुत्ता’ भी कहते हैं।
ममता बनर्जी ने मामले में खुद को घिरता देख पलटवार किया है। हालाँकि, इस दौरान भी उन्होंने राज्य में पीएम किसान सम्मान निधि योजना को नहीं लागू करने को लेकर कोई बात नहीं कही।
“मुझे लगता है कि उनको पीड़ा इस बात से नहीं है कि कृषि कानूनों में सुधार क्यों हुआ। उनको तकलीफ इस बात से है कि जो काम हम कहते थे लेकिन कर नहीं पाते थे, वो मोदी ने कैसे किया, मोदी ने क्यों किया।”
"मैं अपने किसान भाइयों से फिर कह रहा हूँ, बार-बार कह रहा हूँ कि उनकी हर समस्या के समाधान के लिए सरकार 24 घंटे तैयार है। किसानों का हित पहले दिन से सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।"