धनखड़ ने पिछले हफ़्ते जिला अधिकारियों, जिला मजिस्ट्रेटों और चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ धमखाली और सजनाखाली में बैठक करने की इच्छा जताई थी। लेकिन जिला प्रशासन ने सोमवार को उनके सचिव को इत्तला किया कि प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर पाना बिना राज्य सरकार की अनुमति के संभव नहीं हो पाएगा।
बंधु प्रकाश गलत राज्य में पैदा हुआ, गलत जाति-धर्म का था, गलत राज्य में मारा गया। मरने के बाद की चर्चा में बने रहने के लिए आपको निर्दोष होना मात्र 'सही' नहीं होता। आपको किसी खास जाति, किसी खास मजहब में होना होता है, किसी खास तरह के हत्यारे का शिकार बनना पड़ता है, और वहाँ सत्तारूढ़ पार्टी कौन सी है, इसका भी बहुत असर पड़ता है।
चाकुओं से गोदने और रेतने में वही अंतर है जो झटका और हलाल में होता है। एक में पीड़ित को सिर्फ मारना उद्देश्य होता है, एक में तड़पा कर मारना, और शायद कोई मैसेज देना।
सरकारबाड़ी मन्दिर कहने को गाँव के सरकार परिवार का है, लेकिन पिछले 300 सालों से सभी ग्रामीण सरकारबाड़ी मन्दिर के ‘दुर्गा पूजो’ में शरीक होते हैं। मंगलवार रात को पूजो खत्म होने के बाद मन्दिर का दरवाज़ा बंद किया गया था, लेकिन सुबह यहाँ की खिड़की टूटी मिली।
AISA और SFI के गुंडों से बाबुल सुप्रियो को बचाने के लिए आखिर में राज्यपाल को खुद यूनिवर्सिटी पहुॅंचना पड़ा। उपद्रवी छात्रों ने उन्हें भी करीब एक घंटे तक घेरकर रखा। इतना ही नहीं सुप्रियो के साथ पहुॅंची फैशन डिजाइनर अग्निमित्रा पॉल की साड़ी भी खीची गई।
इन पोस्टर्स पर बृष्टि का नाम, उनका फोन नंबर लिखा है और साथ ही ये भी लिखा है कि अकेले लोग रात को इस नंबर पर बात करें। फोन करने वाला 2000 तक कमा सकता है।
तृणमूल सुप्रीमो और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाया था कि वह दुर्गा पूजा समितियों जैसे स्थानीय संगठनों को भाजपा के लिए काम करने पर मजबूर करना चाहती है, इसीलिए उन्हें दबाने की कोशिश हो रही है।
4 साल में 100 ग्रामीणों को नौकरी का झांसा देकर टीएमसी पार्षद का भाई 1 करोड़ रुपए हथिया चुका था। टीएमसी पार्षद अतनु गिरी ने किया भाई के संपर्क में नहीं होने का दावा।
ममता बनर्जी ने कहावत सुनी होगी कि जान है तो जहान है। अगर ईमानदारी से काम करने वाला पत्रकार ज़िंदा ही नहीं बचेगा तो ममता बनर्जी बताएँ कि उनकी ऐसी पेंशन किस काम की है?