"सभी राज्यों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अलग से अस्पताल की व्यवस्था हो। इलाज करने वाले डॉक्टरों की सुरक्षा के उपाय किए जाएँ। COVID-19 के उपचार के संबंध में डॉक्टरों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग की सुविधा भी प्रदान की जाए।"
रामायण और महाभारत की नायिकाओं देवी सीता और देवी द्रौपदी के बीच सबसे बड़ी समानता ये है कि दोनों ही अयोनिजा हैं। यानी दोनों ने ही माँ के गर्भ से जन्म नहीं लिया है। देवी सीता भूमि से प्रकट हुई हैं जिनको भूसुता भी कहते हैं, तो द्रौपदी अग्नि से उत्पन्न हुई हैं और इनको अग्निसुता कहा जाता है।
डॉ फेन के मुताबिक, 30 दिसंबर को प्रयोगशाला में पता चला कि यह विषाणु ‘SARS Coronavirus’ जैसा है। डॉ फेन ने रिपोर्ट की तस्वीर लेकर अपने वरिष्ठों और सरकारी अधिकारियों को भेजी। शाम तक यह तस्वीर वुहान के सभी डॉक्टरों के पास पहुँच गई। डॉक्टर ली वेनलियांग ने इसे सोशल मीडिया पर डालकर दुनिया भर को बताया कि नया कोरोना विषाणु फैल रहा है।
संभलिए, मान जाइए, घर पर रह कर जंग लड़ने के इस आसान से अवसर को गँवा कर बड़ी जंग मत हारिए। सारा विश्व इस साझी समस्या का शिकार है और इस रूप में ही सही, सम्पूर्ण मानवता अब एक परिवार की तरह नज़र आ रही है। यानी मजबूरियाँ हमें ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ तक ले आई हैं, अब हमें अपने प्रयासों से इसे ‘सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे सन्तु निरामया:’ की ओर ले जाना है।
यह राशि फरवरी में अमेरिका की ओर से घोषित 10 करोड़ डॉलर की मदद के अलावा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक लेबोरेटरी सिस्टम, ऐक्टिव केस ढूँढने, निगरानी और टेक्निकल एक्सपर्ट्स की मदद संबंधी तैयारियों आदि को दुरुस्त करने के काम में इस पैसे का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
जनरल नरवणे ने कहा- कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हम अलग-अलग स्तर पर तैयारियों में जुटे हैं। हमें नहीं पता कि आगे स्थितियाँ कैसी बनेंगीं लेकिन हम हर स्थिति से निपटने को तैयार हैं।
भारत में कोरोना संक्रमितों के आँकड़ों का विश्लेषण करने पर एक चौंकाने वाले बात सामने आती है। 300+ संक्रमण के मामले उन लोगों के हैं जिनका प्रत्यक्ष रूप से विदेश यात्रा का इतिहास रहा है। इनमें से भी 142 पॉजिटिव मामले उन लोगों के हैं, जो मध्य-पूर्व के इस्लामी मुल्कों से लौटे हैं।
अगर भारतवासी इन मुश्किल दिनों और कठिन परीक्षाओं के लिए एक परिवार के रूप में, एक राष्ट्र के रूप में एकजुट होते हैं, तो कोरोना को निश्चित रूप से पराजित होना पड़ेगा। भारतीय संस्कृति के आधारभूत विचार ‘वसुधैव कुटुम्बकम्' के निर्णायक आत्मसातीकरण का क्षण निकट है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद भी सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल कर रहे हैं और देश की जनता को भी इसके लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। आज उनकी कैबिनेट बैठक में इसकी झलक दिखी। साथ ही सोशल मीडिया में कई तस्वीरें सामने आई हैं जिससे पता चलता है कि आवश्यक वस्तुओं की दुकानों पर किस तरह लोग सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल कर रहे हैं।