शीर्ष नौकरशाह और उनके सहयोगियों ने नोटबंदी के बाद और उससे पहले कोलकाता की शेल कंपनियों के नाम पर 95 करोड़ रुपए की फर्जी प्रविष्टियां दिखाई है। छापे में 2.2 करोड़ रुपए नकद, मर्सडीज समेत चार लग्जरी वाहन भी जब्त किए गए।
मायावती के शासनकाल के दौरान नेतराम का प्रभाव ऐसा था कि बड़े-बड़े नेताओं को भी उनसे मिलने के लिए अपॉइंटमेंट लेना पड़ता था। उनके आवास पर नेताओं की लम्बी लाइन लगी रहती थी। कैबिनेट मंत्रियों तक को उनसे मिलने के लिए अपॉइंटमेंट लेना पड़ता था।
SC ने एक वकील द्वारा दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फ़ैसला सुनाया। इसके बाद अपनी सरकार द्वारा बनाए गए स्मारक और पार्क आदि पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ख़ुद का बचाव कर रही है।
मायावती ने राहुल के इस वादे पर सवाल उठाया कि ग़रीब को न्यूनतम आय देने का वादा, कॉन्ग्रेस के ‘ग़रीबी हटाओ’ और बीजेपी के ‘अच्छेदिन’ जैसा ही मज़ाक तो नहीं है ।
“कॉन्ग्रेस ने एक तरफ जहाँ देश को राजीव गांधी, इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के रूप में चार गाँधी दिए हैं। वहीं बीजेपी ने भी मोदी दिए हैं- नीरव मोदी, ललित मोदी और अंबानी की गोद में बैठा नरेंद्र मोदी”