आर्टिकल 370 हटाए जाने के वक्त कॉन्ग्रेस ने सीमा पार के प्रोपेगेंडा में जैसे सुर मिलाया था, वैसा ही चीन को लेकर भी कर रही। एक बार फिर उसके इस एजेंडे की राह में मोदी-शाह हैं।
'मौत का सौदागर' से लेकर 'दिल्ली में मोदी की माँ-बहन हो जाएगी' तक कॉन्ग्रेस के संस्कार में रत्ती भर फर्क नहीं आया है। ये ढीठ ऐसे हैं कि जाकिर कह रहा कि उसने मजाक में देश तोड़ने की बात कही थी।
विदेश मंत्रालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उन दावों खारिज़ कर दिया है, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि भारत-चीन के मसले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की थी और वह दोनों देशों के बीच बड़े टकराव को लेकर अच्छे मूड में नहीं हैं।
द प्रिंट ने तर्कों की चाशनी में लपेटकर एक लेख प्रकाशित किया है। इसका लब्बोलुबाब यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हराने के लिए विपक्ष फेक न्यूज फैलाए।
लक्ष्य दिल्ली-मुंबई में बैठे स्टॉक एक्सचेंज के खिलाड़ियों और आर्थिक बीट पर काम करने वाले पत्रकारों तक अपनी बात पहुँचाने का नहीं है, बल्कि उन्हें भी संबल देना है जो खाली पाँव, दहकते कंक्रीट पर, फफोलों के साथ निकल चुके हैं।
पहले स्तर के प्रयास में 1700-2000 गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को प्रतिदिन मुफ्त भोजन वितरित किया जा रहा है। दूसरे स्तर का प्रयास इससे वृहत है। इसे "सीकर्स एंड गिवर्स" प्लेटफॉर्म के नाम से समझा जा सकता है। यहाँ एक वो हैं, जो सहायता पाना चाहते हैं और दूसरे वो जो सहायता करना चाहते हैं। दोनों को आपस में कनेक्ट कर...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद भी सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल कर रहे हैं और देश की जनता को भी इसके लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। आज उनकी कैबिनेट बैठक में इसकी झलक दिखी। साथ ही सोशल मीडिया में कई तस्वीरें सामने आई हैं जिससे पता चलता है कि आवश्यक वस्तुओं की दुकानों पर किस तरह लोग सोशल डिस्टेंसिंग पर अमल कर रहे हैं।