विफल राजनेता और पेशेवर प्रदर्शनकारी योगेंद्र यादव पंजाब के किसानों के विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि बंद के दौरान आवश्यक वस्तुओं के वितरण की भी अनुमति नहीं होगी।
बातचीत में शामिल प्रतिनिधिमंडल में स्वराज पार्टी (Swaraj Party) के नेता योगेन्द्र यादव (Yogendra yadav) का भी नाम था। मगर बाद में केंद्र सरकार के ऐतराज के बाद उनका नाम हटा दिया गया।
योगेंद्र यादव ने कुछ ख़ास लोगों के सैम्पल साइज को 138 करोड़ की जनता पर लागू कर दिया और उलटे-सीधे गुणा-भाग कर के कोरोना संक्रमितों की संख्या 15 करोड़ बताई।
उन बुद्धिजीवियों में से एक थे रामचंद्र गुहा जिन्होंने इस बचकाने '7 पॉइंट योजना' का समर्थन किया था। हालाँकि, बाद में इस योजना का सोशल मीडिया पर मज़ाक उड़ने के बाद गुहा ने यू-टर्न ले लिया और खुद को एक्शन प्लान से दूर कर लिया।
कोटा और बीरभूम में मुस्लिम महिलाओं को CAA विरोधी भीड़ ने पीटा क्योंकि वो सर्वे कर रही थीं। योगेंद्र यादव सरीखे बुद्धिजीवी ही इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार होते हैं, जो CAA और NRC पर मीठा बोल के लोगों को भड़का रहे हैं। योगेंद्र यादव के ताज़ा वीडियो में उनके ताबड़तोड़ झूठ की पोल-खोल।