सॉलिसिटर जनरल मेहता ने कहा कि संविधान में कम से कम 31 जगह ऐसी हैं जहाँ समय-सीमा स्पष्ट रूप से लिखी गई है, क्योंकि संविधान निर्माताओं ने माना कि कुछ काम समयबद्ध तरीके से होने चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति और राज्यपाल द्वारा बिल की मंजूरी दिए जाने के लिए डेडलाइन दी थी जिस पर केंद्र सरकार ने 'संवैधानिक अराजकता' की स्थिति पैदा होने की चेतावनी दी है।