"मैं हरियाणा के लोगों को हमें आशीर्वाद देने के लिए धन्यवाद देता हूँ। हम राज्य की उन्नति के लिए पहले की तरह ही समर्पण और जज़्बे से कार्य करेंगे। मैं भाजपा के कार्यकर्ताओं के कड़े परिश्रम और प्रयास के लिए भी सराहना करता हूँ। कार्यकर्ताओं ने हमारे विकास के एजेंडा से लोगों तक पहुँचाया।"
पिछले 10-15 सालों में जनता ने इस बात को बखूबी समझा है कि कॉन्ग्रेस पार्टी में सत्ता-सुख की लालसा रखने वाला केन्द्रीय नेतृत्व यानी गाँधी परिवार पर गाहे-बेगाहे भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहते हैं। आरोप लगने से लेकर इसकी सच्चाई आने तक जनता एक मतदाता के रूप में अपना काम कर चुकी होती है। क्यों, क्योंकि खून-पसीना एक कर टैक्स भरने वाली जनता और करे तो क्या करे?
BJP 46 के मैजिक आँकड़े से पीछे रह गई है। पीछे तो कॉन्ग्रेस भी रह गई है। लेकिन मामला अंतर का है, मामला गणित का है। और यही गणित दुष्यंत चौटाला के किंग मेकर बनने के सपने पर भी पानी फेर रही है। जीत की खुमारी में जो मन में आए बोल लें, लेकिन वो कम से कम इस बार किंग मेकर नहीं बनने जा रहे हैं।
विधानसभा चुनाव के अंतिम परिणाम अभी घोषित नहीं किए गए हैं, लेकिन रुझान त्रिशंकु विधानसभा का संकेत दे रहे हैं जिसमें कोई भी पार्टी पूर्ण बहुमत प्राप्त करती नहीं दिख रही है।
महाराष्ट्र की 288 सीटों पर भाजपा इस समय 192 सीटों से आगे होकर पूरे चुनाव को एकतरफा करती दिखाई दे रही है। इसी तरह हरियाणा की 90 सीटों पर भाजपा 43 सीटों के साथ बढ़त बनाए हुए है, जबकि कॉन्ग्रेस कांटे की टक्कर देते हुए 36 सीटों पर आगे है।
विधानसभा के दौरान 18 ऐसे नेता थे, जिन्हें कॉन्ग्रेस ने पार्टी-विरोधी गतिविधियों में संलग्न रहने का आरोप लगा कर 6 साल के लिए निकाल बाहर किया था। वहीं अशोक तँवर को लेकर पार्टी ने अभी तक स्थिति साफ़ नहीं की है, जिन्होंने चुनाव के दौरान जम कर जेजेपी का प्रचार किया।
एसपी ने बताया कि या तो वो ख़ुद वहाँ पहुँच रही हैं या फिर पुलिस के अन्य अधिकारी व कर्मचारी वहाँ जाकर हालात को सामान्य कर रहे हैं। कुल मिलाकर नूह जिले के तीनों ही विधानसभा क्षेत्रों में लगातार बूथों पर कार्यकर्ताओं के उलझने और घायल होने की खबरें मिल रही हैं।