प्रिंट के इस खबर को लिखने का तरीका देखिए, इसकी हेडलाइन पढ़िए और सोचिए एक 26 साल के हिंदू लड़के की हत्या पर ऐसे वामपंथी-लिबरल गिरोह की संवेदनाएँ कहाँ हैं?
टिकरी बॉर्डर पहुँचे सांगवान ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की माँग नहीं मान रही है। वह कानून लागू करने की कोशिश कर रही है। लेकिन किसान ऐसा नहीं होने देंगे।
शरजील उस्मानी ने 30 जनवरी को एल्गार परिषद के एक कार्यक्रम में हिन्दुओं के लिए आपत्तिजनक बातें कही थीं। हिंदुओं को 'मनुवादी' करार देते हुए उसने इस कार्यक्रम में हिंदू समाज को बुरी तरह सड़ा हुआ बताया था।
हिंदुओं से घृणा का स्तर कितना अधिक व्यापक है कि यदि भाजपा की तुलना अयातुल्ला खुमैनी से भी हो जाए तो नाराजगी दिखने लगती है। मानो जैसे बेचारे अयातुल्ला ने ऐसा भी क्या कर दिया कि उसकी तुलना 'फासीवादी' भाजपा से की जाए।
सैंकड़ों की भीड़ वहाँ मौजूद है। आस-पास अल्लाह-हू-अकबर के नारे लग रहे हैं। इस्लामी झंडा लहरा कर मंदिर को तोड़ा जा रहा है। जगह जगह से धुआँ उठ रहा है। गोले दगने की आवाजें भी वीडियो साफ सुनाई पड़ रही हैं।