खतरा गली-गली पसर गया है। नहीं चेते तो आज का कोई अशफाक कल आपके कमलेश का गला रेत जाएगा। मजहबी कट्टरपंथ को आज दफन नहीं किया तो बात हिंदुत्व के कब्र खुदने जैसे नारों पर ही नहीं रुकेगी। समाज के तौर पर इससे लड़ना ही होगा।
अचानक कुछ मुस्लिम युवक बिना साइलेंसर वाली मोटरसाइकल चलाकर हल्ला करने लगे। रात का समय होने के कारण इलाके में रह रहे हिंदुओं को इससे परेशानी होने लगी। उन्होंने आपत्ति जताई तो विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते मुस्लिम समुदाय के लोगों ने...
"यदि हम हिंदुओं से घृणा नहीं करते हैं, अपनी सरकार को या सुरक्षा बलों को खलनायक नहीं बताते, तो यहाँ आपको सराहा नहीं जाएगा। सराहा तब जाएगा जब आप देश के भविष्य के बारे में निराशावादी हों, पाकिस्तान से और उसके आतंकियों से प्यार करें... इसलिए क्षमा करें मुझे ऐसे प्यार की जरूरत नहीं।"
हाल ही में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम में हिंदू होने के कारण दानिश कनेरिया के साथ भेदभाव की बात सामने आई है। अब पूर्व क्रिकेटर अफरीदी ने अपनी कट्टरता का दिखाई है। उनसे सवाल टीवी तोड़ने को लेकर किया गया और जवाब में उन्होंने हिंदू परंपराओं को नीचा दिखाने की कोशिश की।
"कुछ खिलाड़ियों ने मुझसे कहा कि दानिश कनेरिया हमारे साथ खाना क्यों खाता है? मैंने उन सभी से कहा कि मैं तुम्हें उठाकर बाहर फेंक दूँगा। वो खिलाड़ी तुम्हें 6-6 विकेट लेकर दे रहा है। इंग्लैंड में दानिश और शमी ने ही हमें सीरीज जिताई थी।"
"एक प्रचलित वाक्य है- विविधता में एकता। लेकिन हमारा देश एक कदम आगे जाता है। केवल विविधता में एकता नहीं बल्कि एकता की ही विविधता है। हम विविधताओं में एकता नहीं खोज रहे हैं, हम उस एकता को खोज रहे हैं जिससे विविधता निकली है।"
पटना हाईकोर्ट ने यह फैसला सीआरपीएफ के एक पूर्व असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर की अपील पर सुनाया। जिन्होंने कुछ समय पहले पहली पत्नी के साथ गुजर-बसर करने के दौरान ही सीआरपीएफ की एक महिला कॉन्स्टेबल सुनीता उपाध्याय से शादी कर ली थी।
CAA के विरोध में जिस तरह का मजहबी उन्माद आज दिख रहा है, कुछ ऐसा ही 2001 में दिखा था। हिंदुओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया। छोटी-छोटी बच्चियों का रेप किया गया। अगवा कर धर्मांतरण करवाया गया। संपत्ति पर कब्जा कर हिंदुओं की हत्या की गई।
"औरंगज़ेब हिंदुओं का ज़बरन धर्म परिवर्तन करता था। वो लाखों हिंदुओं का क़ातिल है। उसके नाम पर सड़क करोड़ों हिंदू और सिखों की भावना के साथ खिलवाड़ है। उसका नाम सड़कों और किताबों से हटाय जाए।"