AAP ने इस वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन लिखा कि केजरीवाल इस इंतज़ार में हैं कि बीजेपी दिल्ली में मुख्यमंत्री के पद पर किसका नाम आगे करेगी। लेकिन सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस पर उन वादों के बारे में पूछ डाला, जो पाँच साल पहले सत्ता पर क़ाबिज़ होने से पहले किए गए थे, जिनका अब कुछ अता-पता नहीं है।
आप ने घोषणा-पत्र में 5,000 नई बसें खरीदने का वादा किया था। लेकिन, उसके शासनकाल में डीटीसी की बसें घट गई। 900 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने और दिल्ली सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में 30,000 नए बेड जोड़ने में भी वह पिछड़ गई।
दिल्ली का असली मालिक जनता को बताते हुए रैप सॉन्ग में 'AAP' पर कॉन्ग्रेस से गठबंधन करने को लेकर भी निशाना साधा गया है। बीजेपी ने इस रैप सॉन्ग का विडियो ट्वीट करते हुए लिखा है- "यह रैप सॉन्ग केजरीवाल के खराब गवर्नेंस को एक्सपोज करता है।"
दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने 70 विधानसभा सीटों में से 57 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। बीजेपी दिल्ली चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर और दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि 57 उम्मीदवारों में 11 उम्मीदवार अनुसूचित जाति और चार महिलाएँ शामिल हैं।
"ये बिल्कुल ग़लत है कि उन्होंने समय पर अपना काम किया, 7 साल हो गए घटना हुए, ढाई साल हो गए सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले को, 18 महीने हो गए रिव्यू पेटिशन ख़ारिज हुए, जो काम जेल प्रशासन को और दिल्ली सरकार को करना चाहिए था, वो हमने किया।"
बेटी के लिए इंसाफ की गुहार लगाते हुए एक मॉं ने केजरीवाल से लेकर आप के तमाम नेताओं तक गुहार लगाई। कहा- आपराधिक पृष्ठभूमि वाले को समर्थन न दें। लेकिन, उसकी किसी ने नहीं सुनी। अब निराश मॉं दे रही आत्मदाह की धमकी।
केजरीवाल सत्ता में आए थे 500 नए स्कूल खोलने का वादा कर। लेकिन, न स्कूल खुले। न नामांकन बढ़ा। न परिणाम सुधरे और न शिक्षक बहाल हुए। गिने-चुने स्कूलों में करोड़ों लुटाकर उसका ढोल पीट सरकार ने पॉंच साल गुजार लिए।
दिल्ली में जिस शिक्षा क्रांति के केजरीवाल सरकार दावे कर रही, वह खूबसूरत तस्वीरों की आड़ में कई ऐसे तथ्य छुपाए हुए है जो मुख्यधारा की चर्चा से गायब हैं या लोग इससे अनजान हैं। सच्चाई यह है कि गुणवत्तापूर्ण सरकारी शिक्षा आज भी स्वप्न ही है।
"मनीष सिसोदिया ने मुझे अपने घर पर बुलाया और बताया कि राम सिंह 20-21 करोड़ रुपए देकर मेरी विधानसभा सीट से टिकट माँग रहा है। उन्होंने मुझसे 10 करोड़ रुपए माँगे, लेकिन मैं वहाँ से मना करके चला आया।"
15 विधायकों को बेटिकट कर पार्टी ने 5 ऐसे चेहरों पर दॉंव लगाया है जो उम्मीदवारों की सूची जारी होने से 24 घंटे पहले ही पार्टी में शामिल हुए थे। सूची जारी होने के बाद आप में बगावत भी तेज हो गई है।