एक बलिदानी पुलिसकर्मी के परिवार को दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर करने वाली दिल्ली सरकार क्या कोरोना काल में भी मजहब देख कर मदद करती है? अगर मुआवजा देना ही नहीं था तो झूठा वादा कर के परिवार को उम्मीद ही क्यों दी गई?
अमरिंदर गुट के विरोधी बाजवा ने सिद्धू को 'बड़ा भाई' बताते हुए कहा कि सभी चाहते हैं कि उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिले। सीएम अमरिंदर अब बाजवा से नजदीकी बढ़ाने में लगे हैं।
ऐसा करने में विफल रहने पर क्या कार्रवाई की जाएगी यह नहीं बताया गया है। दिल्ली को एनएफएसए के तहत लाभार्थियों को बाँटने के लिए हर महीने 36,000 टन चावल और गेहूँ मिलता है।