इस विश्वविद्यालय की स्थापना 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली' की सरकार ने ही किया था। लेफ्ट से जुड़े छात्रों ने AUD की एडमिशन नीति को लेकर ऑनलाइन विरोध प्रदर्शन भी किया।
एक बलिदानी पुलिसकर्मी के परिवार को दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर करने वाली दिल्ली सरकार क्या कोरोना काल में भी मजहब देख कर मदद करती है? अगर मुआवजा देना ही नहीं था तो झूठा वादा कर के परिवार को उम्मीद ही क्यों दी गई?