ये गिरफ्तारियाँ ऐसे वक्त में हुई है जब बांग्लादेश ने कहा है कि भारत से उसने अवैध रूप से रह रहे अपने नागरिकों की जानकारी मॉंगी है। बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए गए बांग्लादेशियों ने अधिकारियों से मिलीभगत कर कुछ दस्तावेज भी बनवा रखे हैं।
बांग्लादेश के विदेश मंत्री ने एनआरसी का भारत के साथ संबंधों पर विपरीत असर पड़ने की खबरों को किया खारिज। कहा, भारत के साथ संबंध काफी अच्छे हैं और एनआरसी से इस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
CAA के विरोध में जिस तरह का मजहबी उन्माद आज दिख रहा है, कुछ ऐसा ही 2001 में दिखा था। हिंदुओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया। छोटी-छोटी बच्चियों का रेप किया गया। अगवा कर धर्मांतरण करवाया गया। संपत्ति पर कब्जा कर हिंदुओं की हत्या की गई।
सलीम शाम को बंद होती दुकानों पर नज़र रखता था। जो दुकानदार दिन भर की कमाई अपने साथ लेकर जाने वाला होता था, दुकान बंद करते वक़्त सलीम किसी बहाने से उसका ध्यान भटकाता और उसका बैग लेकर रफू-चक्कर हो जाता। कभी-कभी तो वह पैसों वाला बैग उठाकर उसकी जगह वैसा ही एक डुप्लीकेट बैग छोड़ जाता था। सलीम की इस चाल से...
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 24 मई, 2018 तक 9,00,000 से अधिक रोहिंग्याओं ने म्यांमार के रखाइन प्रांत से पलायन किया है। 2017 में सैन्य कार्रवाई के बाद बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के कारण ये भागे हैं।
"आप लोग पहले ही जानते हैं, उन लोगों ने मुझे सबसे सामने कोर्टरूम में धमकाया। मैं बहुत डरा हुआ हैं। मैं प्रधानमंत्री से हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग उठाता हूँ।"
पुलिस अधीक्षक सरकार एमडी कैसर ने चार लोगों की मौत की पुष्टि की है। इनमें मदरसा छात्र महबूब (14 वर्षीय), कॉलेज छात्र शाहीन (23 वर्षीय), महफूज़ (45 वर्षीय) और मिज़ान (40 वर्षीय) शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया है कि जो लोग मारे गए थे, वे उन्हीं के आदमी थे।
कॉक्स बाज़ार में स्थित शरणार्थी शिविरों में भारी भीड़ का हवाला दे बांग्लादेश करीब 1,00,000 शरणार्थियों को यहॉं से भेजना चाहता है। फ़िलहाल, शरणार्थी शिविरों में म्यामांर से आए 10 लाख से अधिक लोग रह रहे हैं।
ग्रामीणों ने बांग्लादेश की अर्धसैनिक बल रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) के तीन लोगों को हिरासत में ले लिया और उनके साथ मारपीट की। यह हादसा सुबह 9 बजे कलामचरा के बॉर्डर पिलर नंबर-2059 के पास हुआ।