गृहमंत्री शाह ने विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत में घुसपैठ की समस्या का समाधान खोजने के मद्देनजर सीमा पार के लोगों से इस विषय पर भारत की चिंता को साझा किया है। जिसके बाद दोनों देशों के गृह मंत्रियों ने सीमा पार अपराधों के खतरे को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया।
साहा उन पॉंच बांग्लादेशियों और दो रोहिंग्या शरणार्थियों में से एक थीं जिन्हें ढाका के अमेरिकी दूतावास ने व्हाइट हाउस भेजा था। बांग्लादेश के मंत्री ओबैदुल कादर ने उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "महिला झूठी है और जान- बूझकर देशद्रोही टिप्पणी की है।"
बम हमले के कारण BSF जवान के दाएँ हाथ की केहुनी से नीचे का हिस्सा उनके शरीर से अलग हो गया। बम के छर्रे उनके शरीर में धँस गए। जवान अनीसुर रहमान के शरीर में बम के छर्रे धंसने से उनके लीवर, फेफड़े और पेट बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं।
शिकंजा कसने पर जेएमबी ने कुछ समय के लिए अपनी गतिविधियाँ बंद कर दी थी। लेकिन सलाउद्दीन अहमद और जहीदुल इस्लाम की अगुवाई में वह दोबारा पैर पसारने लगा है और अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने की फिराक में है। हाल ही में भारत सरकार ने जेएमबी को प्रतिबंधित किया है।
केंद्र सरकार ने इसी साल मई में 'जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश', 'जमात-उल-मुजाहिदीन भारत' और 'जमात-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान' तथा इसके सभी स्वरूपों को आतंकवादी संगठन की लिस्ट में शामिल किया है। ये मदरसों के माध्यम से दहशतगर्दी फैलाने का काम करते हैं।
इन सभी पर पासपोर्ट एक्ट या फॉरेनर्स एक्ट या फिर इन दोनों के उल्लंघन का आरोप साबित हुआ था। आरोपी सिलचर जेल में बंदी था। एनडीटीवी से हुई शर्मा की बातचीत के अनुसार इनमें से अधिकाँश लोग अपने रिश्तेदारों से भेंट करने या नौकरी ढूँढ़ने आए थे।
आतंकी संगठन ने पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के कुछ इलाकों में पोस्टर भी बाँटे हैं। साथ ही अपने समर्थकों को एकजुट करने की कोशिश की है। बाँटे गए पोस्टर्स पर लिखा है, "जल्द आ रहे हैं, इंशाअल्लाह।"
नुसरत के ऊपर मिट्टी का तेल डालने वाली एक महिला समेत पंद्रह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से दो लोगों ने उसे मारने की बात कबूल कर ली है। दोनों एक ही मदरसे में पढ़ रहे थे, जहाँ नुसरत ने पढ़ाई की है।
2019 में पाकिस्तान की जीडीपी दर 4.2% रहने का अनुमान है। जबकि इसी वर्ष बांग्लादश की जीडीपी 7.3%, भारत की 7.5%, मालदीव और नेपाल की 6.5% रहने का अनुमान है।
दोनों युवक पिछले 11 दिनों से गया शहर में रह रहे थे और ये सीरिया जाकर आतंकी संगठन आईएसआईएस में शामिल होना चाहते थे। इसके साथ ही वो बौद्ध धार्मिक स्थलों पर आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए रेकी भी कर रहे थे।