शेखर गुप्ता की वेबसाइट पर प्रकाशित लेख में कहा गया है कि 'विषाक्त' बिहारी परिवारों में बच्चों पर श्रवण कुमार बनने की जिम्मेदारी होती है। बिहारी रवीश कुमार प्रदेश के अपमान पर चुप हैं।
सुशांत सिंह राजपूत की मौत को आत्महत्या कहना इस घटना का बेहद सतही आँकलन कहा जा सकता है। जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ रही है, इसमें हर दिन और हर पल नया खुलासा हो रहा है।
सुशांत सिंह राजपूत के इस पूरे मामले में जहाँ रिया पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है, वहीं बिहार पुलिस की सक्रियता ने मुंबई पुलिस को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है।
सुशांत के पिता ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि 25 फरवरी को उन्होंने बांद्रा पुलिस को आगाह किया था कि उनके बेटे की जान खतरे में है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मुंबई पुलिस के जाँच अधिकारी ने सभी विवरण साझा करने की बात कही, लेकिन उसी समय एक कॉल मिलने के बाद चीजें बदल गईं। उन्होंने बिहार से आई टीम को बताया कि दिशा के विवरण वाला फोल्डर "अनजाने में डिलीट हो गया है।"