जम्मू-कश्मीर विधान परिषद् के सभापति हाजी अनायत अली के अलावा, लद्दाख स्वायत्तशासी पर्वतीय विकास परिषद के कार्यकारी पार्षद मोहम्मद अली हसन और 6 अन्य नेताओं ने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की और पार्टी में शामिल हुए।
बीजेपी में शामिल होने के बाद इनायत अली ने कहा, "दो सालों में आप बदलाव देखेंगे। कई लोग जो भाजपा का आज विरोध कर रहे हैं, वे पार्टी को ज्वाइन करेंगे। उनके पास हमारे साथ आने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा।"
संजय दत्त के स्वर्गीय पिता सुनील दत्त ने पाँच बार कॉन्ग्रेस पार्टी से मुंबई उत्तर-पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने अपनी मृत्यु से पहले मई 2004-2005 के दौरान यूपीए-1 सरकार में युवा मामलों और खेल मंत्री के रूप में भी कार्य किया था
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष ले रूप में अपना राजनीतिक करियर शुरू करने वाले अरुण जेटली उन गिने-चुने नेताओं में से थे, जिन्होंने मोदी और वाजपेयी- दोनों दिग्गज प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री की भूमिका निभाई।
अरुण जेटली को अगस्त 9, 2019 को साँस लेने में तकलीफ होने के कारण एम्स में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उन्हें आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया था और वह कुछ दिनों से लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे।
भाजपा के उपाध्यक्ष ने कहा कि वहाँ के लोगों की मानसिकता में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। नेताओं को उम्मीद है कि देश भर से डेटा एकत्र होने के बाद देश भर में नए सदस्यों की संख्या लगभग 5 करोड़ तक बढ़ जाएँगे।
उत्तराखंड के वरुण गहलोत कॉन्ग्रेस के साथ लंबे समय से जुड़े हुए थे। उन्होंने अपने 25 साथियों के साथ बीजेपी की सदस्यता ली। इनमें कॉन्ग्रेस की पूर्व सांसद प्रतिनिधि शीतल जोशी, कोमल सिंह भी शामिल हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद विजय गोयल का कहना है कि संत रविदास के मंदिर को दोबारा बनाया जाना चाहिए। सांसद ने इस मंदिर के निर्माण के लिए ‘गुरू रविदास जयंती समारोह समिति’ को अपनी एक महीने की सैलरी देने की भी बात कही है।
कर्नाटक के हुबली में उमा भारती ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। उनके ख़िलाफ़ अदालत में मामला दर्ज किया गया था। बाद में कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार ने यह मामला फिर से खोल दिया, जिस कारण उमा भारती ने इस्तीफा दिया और गौर मुख्यमंत्री बने।
नीरज शेखर के आने से बिहार से लगे पूर्वांचल के क्षेत्रों में भाजपा और बढ़त बना सकती है। कहा जा रहा है कि 2019 लोकसभा चुनाव में सपा ने उन्हें बलिया से टिकट नहीं दिया, जिसके बाद से ही वे पार्टी ने नाराज़ चल रहे थे।