बकौल राजपूत, शिवराज सरकार की लूट के कारण पूरा मध्य प्रदेश खोखला हो गया है। सीएम कमलनाथ इससे जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश कर्ज के गर्त में है। जिसकी वजह से कमलनाथ सरकार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लल्लू सिंह ने माफ़ी माँगते हुए जो लिखा वो किसी को भी ठीक से संतुष्ट नहीं कर पा रहा कि उन्होंने स्क्रॉल करते वक़्त गलती से ट्वीट के उस बेहूदे रिप्लाई को लाइक कर दिया।
3 फरवरी को मरवाही के पूर्व विधायक अमित जोगी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया था। मामला 2013 में भाजपा की प्रत्याशी रहीं समीरा पैकरा ने दर्ज कराया था। दर्ज की गई शिक़ायत के अनुसार जोगी ने शपथ-पत्र में अपना जन्म स्थान ग़लत बताया था।
चिन्मयानंद के ख़िलाफ़ अपहरण और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुक़दमा दर्ज किया गया था। चिन्मयानंद महाविद्यालय की प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हैं। 72 वर्षीय स्वामी चिन्मयानंद ने दावा किया था कि उनकी छवि ख़राब करने के लिए षड्यंत्र रचा जा रहा है।
पुलिस ने इस बंद के दौरान अब तक उत्तर 24 परगना में 13 भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि टीएमसी के उत्पात पर अभी पुलिस द्वारा लिए गए एक्शन की कोई खबर नहीं आई है।
अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि बैरकपुर के पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा ने उनके सिर पर लाठी से मारा और गालियाँ दी। सिंह ने कहा कि उनके आवास पर भी पुलिस और तृणमूल कार्यकर्ताओं ने हमला किया। उनके सिर में 12 टाँके लगे हैं।
लोकसभा चुनाव से पहले टीएमसी छोड़ भाजपा में आए अर्जुन सिंह पर पहले भी हमले हो चुके हैं। इसी साल 25 जुलाई की रात उनके घर पर बम फेंके गए थे। आम चुनावों के दौरान भी टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने उन्हें निशाना बनाया था।
तीन तलाक को जुर्म बनाने वाले मोदी सरकार के बिल का समर्थन करने वाले खान ने शाहबानो मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का समर्थन किया था। इस मामले में राजीव गॉंधी की सरकार ने मुस्लिम नेताओं के दबाव में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटते हुए कानून संसद से पास करवाया था।
सिद्धारमैया से पूछा गया था कि राज्य में गठबंधन सरकार के गिरने के लिए जेडीएस उन्हें जिम्मेदार ठहरा रहा है। जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री ने एक कन्नड़ के एक कहावत का इस्तेमाल किया, जिसका मतलब होता है कि जो वेश्याएँ नाच नहीं सकती वे डॉंस फ्लोर का रोना रोती हैं।
नाम बताने से इनकार करने पर सीनियर छात्र गाली-गलौज पर उतर आए। भड़के हुए सीनियर छात्रों ने अपने अन्य साथियों को भी बुला लिया और अभद्रता की। विजय के मुताबिक प्रॉक्टर कार्यालय की टीम उनके ख़िलाफ़ ही बातें कर रही थीं।