"ऐसे मैसेज से मैं पहली बार प्रभावित हुई हूँ। पहली बार मुझ पर इसका असर हुआ और मैं इसे बर्दाश्त नहीं कर पाईं। इसकी वजह से मुझे अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
''मैं भय हूँ, मैं लाली हूँ, मैं राख हूँ, मैं चिंगारी हूँ, मैं रोम, मैं कोम में हर कण में व्यापित हूँ। शिव भक्त हूँ मैं, तीनों लोगों पर राज करता हूँ। मैं 'अहं ब्रह्मास्मि' हूँ।"
''संघ की तुलना तालिबान से स्वीकार्य नहीं है। हमारे देश में ज्यादातर लोग धर्मनिरपेक्ष हैं और तालिबान की विचारधारा को स्वीकार नहीं करेंगे। भारत में हिंदू बहुसंख्यक है, इसके बावजूद यह एक धर्मनिरपेक्ष देश है।"