मुनव्वर राना ने कहा, "मैं सरकार को चेतावनी देते हुए अपना एक शेर फिर से कहता हूँ कि एक आँसू भी हुकूमत के लिए खतरा है, तुमने देखा नहीं आँखों का समंदर होना।"
एनसीपी नेता जितेंद्र के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद एनसीपी नेता के इस बयान की जमकर आलोचना की जा रही है।
मलेशिया के प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को निष्प्रभावी किए जाने और नागरिकता कानून में संशोधन किए जाने पर भारत सरकार की आलोचना की थी। जिसके जवाब में भारत ने इस महीने से मलेशिया के पाम ऑइल का आयात रोक दिया।
RJD के राज्यसभा सांसद अशफाक करीम ने CAA और NRC के विरोध में खड़े होकर भाषण देना शुरू ही किया था और भाषण देते हुए महज 17 सेकेंड ही बीता था कि उनकी पैंट ही खुलकर गिर गई।
कश्मीरी पंडित इस दौरान 'कश्मीरी पंडितों को न्याय दो' के नारे लगाने शुरू कर दिए थे। कश्मीरी पंडितों की इस नारेबाजी से नाराज होकर CAA-विरोधी प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ झड़प कर दी, जो कि कुछ ही देर में हाथा-पाई में बदल गई।
प्रिया वर्मा ने तिरंगा लिए एक प्रदर्शनकारी को पकड़कर खींचने की कोशिश की तो वह जमीन पर बैठ गया। इसके बाद उन्होंने एक और प्रदर्शनकारी का कॉलर पकड़ा और उसपर थप्पड़ बरसाने लगीं। इसी बीच किसी ने पीछे से उनकी चोटी खींच ली।
"मैं पूरी क़ुरान जानती हूँ। इससे मुझे पता चला है कि ट्रिपल तलाक़ जैसी व्यवस्थाएँ होनी चाहिए। मैं मानती हूँ कि किसी को भी इसके लिए जेल नहीं भेजा जाना चाहिए।"
"जो लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं, वे शरणार्थी शिविरों की बात क्यों नहीं कर रहे हैं। जो मानवाधिकार की बातें नहीं करते हैं वे ही सीएए के विरोध की बातें कर रहे हैं। शरणार्थी शिविरों को देखना अति कष्टदायी है। यह आँखों में आँसू ला देगा।"
250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने कुलपति को मेल व मैसेज के जरिए अपनी परेशानी बताई है। इनका कहना है कि कब तक इस आंदोलन के चलते यूनिवर्सिटी को बंद रहेगा। परीक्षाओं के साथ भी तो वे आंदोलन जारी रख सकते हैं।
कॉन्ग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने भी कहा है कि CAA लागू करने से राज्य इनकार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप नहीं किया तो CAA क़ानून की किताब में क़ायम रहेगा। जो क़ानून की किताब में है उसे सभी को मानना होगा।