सीबीआई के अनुसार एसआईटी की जाँच में गैप है, क्योंकि जाँच से जुड़े महत्वपूर्ण व्यक्तियों को एसआईटी द्वारा कभी बुलाया ही नहीं गया। एजेंसी यह भी पता लगाना चाहती है कि कहीं राजीव कुमार किसी के निर्देशों के तहत तो ऐसा नही कर रहे थे?
इस प्रदर्शन के दौरान एनसीपी के कार्यकर्ताओं नें कुत्तों के गले में पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की तख्तियाँ डाली। साथ ही सरकार पर आरोप मढ़ा कि सरकार ने सीबीआई का दुरुपयोग किया है।
आज आवश्यकता है एक ऐसी एजेंसी की जो आंतरिक सुरक्षा, भ्रष्टाचार की जाँच, इंटेलिजेंस एकत्र करना और आतंकवाद इन सभी ज़िम्मेदारियों को पूर्ण स्वायत्ता के साथ संभाल सके।
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, डीजीपी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर को मानहानि याचिका पर नोटिस भी भेजा है। इस मामले पर अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।
प्रशांत भूषण ने शुक्रवार को कई ट्वीट करते हुए लिखा था कि सीबीआई प्रमुख नागेश्वर राव की नियुक्ति के मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को गुमराह किया।
बंगाल प्रदेश कॉन्ग्रेस कमिटी के प्रमुख सोमेंद्र नाथ मित्रा ने भी ममता बनर्जी को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि अगर पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार निर्दोष हैं, तो फिर वह पूछताछ से क्यों बच रहे हैं?
सत्ता में बने रहने के लिए ममता बनर्जी राहुल या अन्य विपक्षी पार्टियों का साथ चाह रही हैं जबकि वे सत्ता में आने के लिए। ऐसे में चुनाव बाद समीकरण किसके पक्ष में होगा, कौन किसको आँखें दिखाएगा - कहना मुश्किल है।
जिस तरह से डिप्टी पुलिस कमिश्नर मिराज ख़ालिद के नेतृत्व में पुलिस ने CBI अधिकारियों को पकड़ कर गाड़ी के अंदर डाला और उन्हें थाने तक ले गई, उसे देख कर तानाशाही भी शरमा जाए।