CBI जब ममता के क़रीबी मोहता को गिरफ़्तार करने गई तब उसके निजी सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल पुलिस ने भी जाँच एजेंसी की कार्यवाही में बाधा पहुँचाई।
सीबीआई के मुताबिक बैंक के उच्च पद पर होने का गलत फ़ायदा उठाते हुए चंदा कोचर ने वीडियोकोन ग्रुप के लिए जून 2009 से अक्टूबर 2011 के बीच कुल छ: लोन को अप्रूव किया था।
CBI डायरेक्टर, सेना प्रमुख, CJI- नेताओं ने अपनी घटिया राजनीतिक बयानबाज़ी में संवैधानिक पदों पर बैठे उच्चाधिकारियों को भी घसीट लिया है। उन पर बिना सबूत घटिया लांछन लगाए जाते हैं- अपनी राजनीति चमकाने के लिए।
ICICI बैंक द्वारा वीडियोकॉन को ₹3,250 करोड़ लोन देने के मामले में CBI ने कोचर और वीडियोकॉन के ठिकानों पर छापेमारी की है। इस मामले में कोचर के पति भी आरोपित हैं।
CBI ने व्यापम घोटाला मामले में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार में शिक्षा मंत्री रहे लक्ष्मीकांत शर्मा और 7 अन्य को क्लीन-चिट दे दी है। उनके ख़िलाफ़ कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं
जिन पत्रकारों ने इस मुद्दे पर लिखा है, उनमें से किसी ने भी (उस महिला पत्रकार को छोड़कर, जिसने एक मिनट से भी कम बात की) जस्टिस सिकरी या जस्टिस पटनायक से संपर्क नहीं किया, न ही करने की कोशिश की
PM मोदी और जस्टिस सीकरी ने सीवीसी रिपोर्ट को पढ़ने के बाद आलोक वर्मा को पद से हटाने का फ़ैसला किया जबकि कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इन दोनों के फ़ैसले पर अपनी आपत्ति दर्ज़ की