असम में शुक्रवार (दिसंबर 20, 2019) को 10 दिन के बाद इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई। नागरिकता संशोधन कानून के कारण असम में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद सुरक्षा कारणों से इसे निलंबित किया गया था।
पुलिसकर्मियों का रामचंद्र गुहा को हिरासत में लेने का जब वीडियो बनाया जा रहा था, तो ठीक उसी समय एक पुलिसकर्मी अपनी जेब में हाथ डालने जा रहा था और इसी मुद्रा का स्क्रीनशॉट लेकर सोशल मीडिया पर यह भ्रम भैलाने की कोशिश की जाने लगी कि गुहा को पुलिसकर्मी ने मुक्का...
नागरिकता क़ानून के ख़िलाफ़ देश भर में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों में आतंकियों के स्लीपर मॉड्यूल सक्रिय हो चुके हैं। आगजनी और दंगा भड़काने के मक़सद से कट्टरपंथी आतंकी अपनी पूरी तैयारी के साथ नागरिकता क़ानून के खिलाफ़ हो रहे प्रदर्शनों में शामिल हो चुके हैं। यह जानकारी ख़ुफ़िया एजेंसियों के माध्यम से...
ममता बनर्जी ने केंद्र की मोदी सरकार के सबका साथ सबका विकास नारे पर निशाना साधते हुए कहा था, "केवल बीजेपी यहाँ बचे और बाकी सब चले जाएँ, यही बीजेपी की राजनीति है। यह कभी नहीं हो पाएगा। भारत सभी का है। अगर सबका साथ नहीं रहेगा तो सबका विकास कैसे होगा? नागरिकता क़ानून किसके लिए है?"
इससे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट ने जामिया दंगाइयों को संरक्षण देने संबंधी याचिका ठुकरा दी थी। कोर्ट रूम में उस समय एक अजीब सा माहौल बन गया जब याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों ने जजों के समक्ष शेम-शेम के नारे लगाए।
अपने नफ़रत भरे भाषण में लगभग 3 मिनट 30 सेकेंड पर, मौलाना ने सरकार को CAA और NRC को वापस लेने या जिहाद के लिए तैयार रहने की धमकी दी। मौलाना ने कहा कि अगर यह क़ानून पर तुम अटल रहे तो इतना याद रखना की मरने और मारने से कोई नहीं चूकेगा।
देशव्यापी विरोधों के चलते, देश के कई हिस्सों में प्रशासन की तरफ़ से धारा-144 लागू की गई। लेकिन, विपक्षी नेताओं के उकसाने पर लोगों ने क़ानून का उल्लंघन किया और क़ानून को हाथों में लेते हुए 'शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन' की आड़ में पुलिस पर हमला भी किया।
स्वराज्य अभियान और प्रशांत भूषण दंगाईयों को क़ानूनी मदद उपलब्ध कराते हैं। नागरिकता क़ानून के नाम पर देश में अराजकता फैलाने के लिए इन विरोध प्रदर्शनों को और जारी रखना स्वराज्य अभियान और प्रशांत भूषण जैसे लोगों का कुचक्र है। पढ़ें व्हाट्सप्प चैट।
कॉन्ग्रेस को आइना दिखाने के मक़सद से बीजेपी एक ऐसे वीडियो को सामने लाई है, जिसमें ख़ुद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बांग्लादेश में धार्मिक आधार पर हिंसा के शिकार हुए शरणार्थियों के लिए सरकार को सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाने का सुझाव देते नज़र आ रहे हैं।
नागरिकता संशोधन क़ानून के विरोध में वामदलों और कुछ मुस्लिम संगठनों ने आज भारत बंद का ऐलान किया था। इसी विरोध-प्रदर्शन में पहुँचे इतिहासकार रामचंद्र गुहा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।