मुंद्रा पोर्ट पर ड्रग्स की बरामदगी को लेकर कॉन्ग्रेस पार्टी ने जो दुष्प्रचार किया, वह लगभग ढाई दशक से गुजरात के विरुद्ध चल रहे दुष्प्रचार का सबसे नया संस्करण है।
कॉन्ग्रेस 'आंदोलन समिति' के जरिए मोदी सरकार से खार खाए सिविल सोसाइटी के सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गैर सरकारी संगठनों और बुद्धिजीवियों को अपने साथ जोड़कर उनका सरकार के खिलाफ उपयोग की योजना बना रही है।
केंद्र सरकार के फैसले का कॉन्ग्रेस, वामपंथियों और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग द्वारा विरोध उनके दशकों के प्रयास से गढ़े गए नैरेटिव के ध्वस्त होने की छटपटाहट है और उस छटपटाहट की तुलना में बहुत छोटी है जो दशकों तक हिंदुओं ने झेली है।