राकेश टिकैत सिर्फ पिता का कहा नहीं भूले हैं। वे अपनी कही बातों से भी पीछे हटे हैं। उन्हीं सुधारों का विरोध कर रहे हैं जिसकी जून में प्रशंसा की। पिछले साल माँग की थी।
जब 1907 में सूरत में कॉन्ग्रेस पार्टी का अधिवेशन हो रहा था तो दोनों हिस्सों के बीच तल्खियाँ बढ़ गईं। इस वक्त बीएस मुंजे ने खुलकर तिलक का समर्थन किया और यही वजह रही कि तिलक के वो भविष्य में भी काफी करीबी रहे।
राहुल गाँधी के सलाहकार रह चुके अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने किसान आंदोलन पर अपनी राय रखी है। गुरुवार को बनर्जी ने कहा कि किसानों का मुद्दा कानून की विषयवस्तु के बारे में कम है, विश्वास के बारे में अधिक है।
एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार के यूपीए चेयरपर्सन बनने की अटकलों को प्रवक्ता ने खारिज किया है। उनका कहना है कि ये सब किसान आंदोलन से ध्यान भटकाने के लिए हुआ।