AIMIM बिहार में एक सीट जीतने पर के जश्न में हैदराबाद में जमकर पटाखे फोड़ रही है और कॉन्ग्रेस अपनी सीटों के हुए नुकसान के लिए ओवैसी की पार्टी को 'वोट कटुआ' भी बता रही है।
मध्य प्रदेश में किसानों के बीच कृषि कानूनों को लेकर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार से भाजपा ने कैसे निपटी? वो मुद्दा, जिसने कॉन्ग्रेस से किसानों का विश्वास छीन लिया।
गोबिंदगंज सीट से कॉन्ग्रेस प्रत्याशी और पत्रकार रवीश कुमार के भाई ब्रजेश पांडेय अभी पीछे चल रहे हैं। वे इससे पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन हार गए थे।
जम्मू कश्मीर की स्थानीय पार्टियों का भारत-विरोधी रुख तो जगजाहिर है, लेकिन अब कॉन्ग्रेस पार्टी भी फ़ारूक़ अब्दुल्लाह और महबूबा मुफ़्ती जैसे नेताओं के सुर में सुर मिला रही है।
41 वर्षीय पूर्व नौकरशाह ने ट्वीट किया, “मैं सभी को सूचित करना चाहूँगा कि मैंने लड़ाई जारी रखने के अपने प्रयास में कॉन्ग्रेस पार्टी में शामिल होने का फैसला किया है।"