"राहुल गाँधी अभी भी शीर्ष नेता बने हुए हैं, कोई और शीर्ष नेता नहीं है। लेकिन पार्टी में ऐसे अन्य नेता हैं, जिनका अपना महत्व है, जिन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी में अपना योगदान दिया है। कॉन्ग्रेस का विरोध करने वाली पार्टियाँ उन पर किसी और से ज्यादा हमला करती रहती हैं, यह दर्शाता है कि वह अभी भी शीर्ष नेता बने हुए हैं।"
हम लोग ये सोचते थे कि सुरक्षा को देखते हुए कॉरिडोर को खोलना बड़ी चुनौती होगी। लेकिन बाद में सिख समुदाय के लोगों की माँग पर इसे खोल दिया, सुरक्षा चिंताओं को हमने ठंढ़े बस्ते में डाल दिया। सुरक्षा को लेकर ये बड़ी चिंता की बात है।
कॉन्ग्रेस नेता रीना मिमरोत सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता के लिए पहले भी फर्जी खबरों के द्वारा घटिया और बेहद मूर्खतापूर्ण हरकतें करते हुए देखी गई हैं। रीना ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प जैसे दिखने वाले किसी आदमी की महिलाओं के साथ 'गंदी' तस्वीरें शेयर की थीं।
कॉन्ग्रेस अध्यक्ष का चुनाव नहीं होने को लेकर संदीप दीक्षित ने बगावती सुर दिखाए हैं। उनका समर्थन करते हुए थरूर ने कहा है, “संदीप दीक्षित ने जो कहा है वह देश भर में पार्टी के दर्जनों नेता निजी तौर पर कह रहे हैं। इनमें से कई नेता पार्टी में जिम्मेदार पदों पर बैठे हैं।”
"भाजपा के लोगों हम हर चीज के लिए तैयार हैं। हम कॉन्ग्रेस के लोग हैं। बेईमानी, चोरी, लूट-घसोट, जुआ-शराब और अवैध कारोबार में हम लिप्त नहीं हैं। ये सारे काम आप करोगे और बदनाम कॉन्ग्रेस को करोगे। कॉन्ग्रेस का कोई भी माई का लाल..."
"अतिथि विद्वानों से कॉन्ग्रेस ने वादा किया था कि सरकार बनने पर हमारी माँगों को पूरा किया जाएगा। हमने साल भर तक इंतजार किया। उसके बाद ही हमने अपना आंदोलन शुरू किया। मगर आंदोलन शुरू होते ही अतिथि विद्वानों को नोटिस मिलना शुरू हो गया।"
"हम कॉन्ग्रेस के हिंदू आतंकवाद के विचार और लश्कर, आईएसआई की 26/11 रणनीति के बीच एक संबंध देख सकते हैं। क्या भारत का कोई शख्स आईएसआई को आतंकवादियों को हिंदू पहचान देने के लिए हैंडलर के रूप में मदद कर रहा है?"
पुलिस कैंप में ट्रेनिंग पा रहे जवानों के मेन्यू से बीफ हटा दी गई है। - यह एक खबर आई। इसके बाद कॉन्ग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने हंगामा मचा दिया। विरोध-स्वरूप उन्होंने पुलिस थाने के सामने ही बीफ करी और ब्रेड बाँटा।
आज भारत के सबसे लंबे कैनाल का नाम उसी व्यक्ति के नाम पर नहीं है, जिसने इसका सपना देखा, जिसने इस पर काम शुरू करवाया था। पंजाब से लेकर बीकानेर तक जिसके नाम की कभी तूती बोलती थी उसे उसके काम के क्रेडिट से भी वंचित कर दिया गया।