महाराष्ट्र में सरकार गठन के मुद्दे पर कॉन्ग्रेस समेत विपक्ष ने सदन में जबर्दस्त हंगामा किया। जिसके बाद स्पीकर ने मार्शल को कॉन्ग्रेस के दो सांसदों- टीएन प्रथापन और हीबी इडेन को बाहर निकालने का आदेश दिया।
सिंधिया के नए ट्विटर बॉयो में उनके कॉन्ग्रेस से जुड़े होने का कोई संकेत नहीं है। इससे पहले, उनके प्रोफाइल में गुना से 2002-2019 तक सांसद रहने का जिक्र था। साथ ही उन महकमों का भी जिक्र था जिसकी जिम्मेदारी मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के दौरान उन्होंने सॅंभाली थी।
कॉन्ग्रेस नेताओं के हिरासत में लिए जाने की सूचना मिलते ही RLSP प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा भी कोतवाली थाना पहुँचे, जहाँ उन्होंने कॉन्ग्रेस के मॉर्च में हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की और कहा कि नीतीश सरकार, विरोधियों की आवाज़ को दबाना चाहती है।
शिवसेना ने भी अपने विधायकों को काफ़ी दिनों तक ठाकरे परिवार के निवास मातोश्री के पास ही स्थित एक होटल में रखा था। उन विधायकों को आधार कार्ड के साथ तलब किया गया था। अब कॉन्ग्रेस के विधायक भी जयपुर के रिसोर्ट में जाएँगे।
1978 में कॉन्ग्रेस पार्टी की वसंतदादा की सरकार से अलग होकर शरद पवार ने कॉन्ग्रेस तोड़ कर सोशलिस्ट कॉन्ग्रेस बना ली थी। कॉन्ग्रेस की सरकार गिरा कर खुद सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बन गए थे। उनके भतीजे अजीत पवार ने वही कड़वी दवा शरद पवार को पिला दी है।
इन सभी पर यह आरोप लगाया गया कि 30 जून 2009 से 06 जुलाई 2017 तक मणिपुर डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष के रूप में काम करते हुए अभियुक्तों ने अन्य लोगों के साथ षड्यंत्र रचते हुए सरकारी धन क़रीब 518 करोड़ रुपए की कुल राशि में से लगभग 332 करोड़ रुपए का गबन किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री और कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चौहान ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस के ख़राब शासन का अंत करने के लिए शिवसेना का समर्थन करना ज़रूरी था। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी ने शिवसेना को समर्थन देने का निर्णय लिया है।
एक वरिष्ठ नेता ने दलों के बँटवारे के बारे में बात करते हुए बताया कि शिवसेना और एनसीपी को लगभग बराबर की हिस्सेदारी सत्ता में मिलेगी, लेकिन कॉन्ग्रेस को कुछ कम में संतोष करना पड़ेगा। वहीं, ये भी कहा जा रहा है कि एनसीपी अभी भी...
पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने ऊपर युवा नेतृत्व थोपे जाने का आरोप मढ़ते हुए प्रियंका गाँधी की नीति और निर्णयों के ख़िलाफ़ बगावत की है। इसके बाद प्रदेश कॉन्ग्रेस ने अपने पार्टी के 11 वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ़ न केवल कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, बल्कि...