भारत के सीमवर्ती इलाकों में रह रहे इन हिन्दुओं को राजस्थान पुलिस पाकिस्तान भेजने की तैयारी में है। एक कट्टर इस्लामिक देश होने के चलते पाकिस्तान में हिन्दुओं पर अत्याचार चरम पर हैं। यह सभी परिवार धार्मिक वीसा के बहाने यहाँ इसी लिए रुके थे क्योंकि पाकिस्तान में हिन्दुओं को सिर्फ यातनाएँ ही मिलती हैं।
"शिवसेना ने हिंदुत्व की रक्षा के नाम पर वोट माँगा था। इसके उलट नतीजे आने के बाद शिवसेना अपने खिलाफ चुनाव लड़ने वाली पार्टियों के साथ सरकार बनाने की कोशिश कर रही है जबकि उसने भाजपा-शिवसेना गठबंधन की सरकार बनाने के नाम पर वोट माँगा था।"
कॉन्ग्रेस शिवसेना की कट्टर हिन्दुत्व की छवि से संशय में है और वो चाहती है कि इस सन्दर्भ में CMP में एक स्पष्ट संदेश शामिल किया जा सके, जिससे नई सरकार के गठन में किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।
प्रदर्शन में शामिल छात्र-छात्राओं को ये तक नहीं पता था कि जिस प्रदर्शन में वो शामिल हुए हैं- उसका उद्देश्य क्या है। ऐसे में जब टीवी 9 भारतवर्ष के संवाददाता विपिन चौबे ने हकीकत का खुलासा किया तो वहाँ मोदी मीडिया मुर्दाबाद के नारे लगने लगे और कार्यकर्ता उन पर हावी हो गए।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में अधिवक्ता उमेश बोहरे ने गाँधी परिवार को SPG सुरक्षा देने की तत्काल माँग से संबंधित PIL दाखिल की थी। लेकिन कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर यह कहते हुए 25,000 रुपए का जुर्माना लगाया कि याचिकाकर्ता 'सस्ती लोकप्रियता' हासिल करने की कोशिश में था।
प्रियंका गाँधी की ओर से पार्टी के 350 पूर्व सांसद, MLA, MLC, 2019 के लोकसभा उम्मीदवार और 2017 के विधानसभा उम्मीदवारों को बुलावा भेजा गया था। लेकिन इंदिरा गाँधी की छवि वाली प्रियंका के बुलावे के बावजूद आए कितने? सिर्फ 40! मतलब 350 में से सिर्फ 40... बहुत नाइंसाफी हो गया ये तो!
इस संशोधन के बाद ट्रस्ट में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष के होने की अनिवार्यता समाप्त हो गई है। 2023 में मौजूदा न्यास का कार्यकाल समाप्त होने पर नए सदस्यों में शहीदों के परिजन भी होंगे।
शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही आरंभ होते ही कॉन्ग्रेस के सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के निकट पहुँच गए। इसके बाद डीएमके के सदस्य भी कॉन्ग्रेस के समर्थन में आसन के समीप पहुँच कर नारेबाजी करने लगे।
कॉन्ग्रेस ने मोदी सरकार की कथित नाकामियों को उजगार करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में आंदोलन की योजना बनाई थी। इसकी समाप्ति रामलीला मैदान की भारत बचाओ रैली से होनी थी।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी में मेडिकल कॉलेज के नामकरण को लेकर विवाद। माधवराव सिंधिया की बजाय महात्मा गॉंधी नाम रखने का बीजेपी विधायक ने दिया था सुझाव। सुनकर भड़के कमलनाथ के मंत्री।