एजेंसी ने अदालत को बताया कि समन जारी किए जाने के बाद शिवकुमार हाजिर तो हुए लेकिन वह प्रश्नों का जवाब देने की बजाय टालमटोल करते रहे। ईडी के अनुसार, कॉन्ग्रेस नेता ने पूछताछ में सहयोग नहीं किया। शिवकुमार ने जानबूझ कर जाँच प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश की।
प्रवीण चक्रवर्ती इससे पहले भी कॉन्ग्रेस डेटा सेल में रह चुके हैं। इस वर्ष हुए लोकसभा चुनाव के दौरान उन पर तत्कालीन कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को ग़लत जानकारियाँ देने का आरोप लगा था। कॉन्ग्रेस का तो ये तक सोचना था कि प्रवीण चक्रवर्ती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदमी हैं।
थरूर ने अपनी पार्टी को इस बात पर विचार करने की सलाह दी कि आख़िर इन वोटरों ने कॉन्ग्रेस से नाता क्यों तोड़ लिया? पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पूछा कि जब तक हम ये नहीं पता लगाएँगे कि हमारे वोटर हमें छोड़ कर क्यों चले गए, हम उन्हें वापस अपने पाले में लाने में कैसे कामयाब होंगे?
इस वीडियो में ये तो खुलासा नहीं हो पाया कि सिद्धारमैया ने अपने सहयोगी को थप्पड़ क्यों मारा? मगर इसे देखकर लगता है कि शायद दोनों किसी मुद्दे पर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान सिद्धारमैया पीछे मुड़ते हैं और तड़ाक से......
चिदंबर और शिवकुमार की गिरफ्तारियों का हवाला देते हुए रावत ने कहा कि अगर उनके बुढ़ापे में जेल जाने से उनकी पार्टी को फायदा होता है तो वह इसके लिए भी तैयार हैं। हरीश रावत उत्तराखंड कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। मनमोहन सरकार में वह केंद्रीय मंत्री भी थे।
उत्तराखंड के बहुचर्चित विधायकों की खरीद-फरोख्त के स्टिंग मामले में सीबीआई की तरफ से हाई कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। इसमें कहा गया है कि प्रारंभिक जाँच पूरी हो चुकी है और अब वो हरीश रावत के खिलाफ मामला दर्ज करना चाहती है।
प्रवर्तन निदेशालय ने यह कार्रवाई 'Prevention of Money Laundering Act (PMLA)' के तहत की है। लगातार 4 दिनों तक चली मैराथन पूछताछ के बाद ईडी ने उन्हें गिरफ़्तार किया है।
3 फरवरी को मरवाही के पूर्व विधायक अमित जोगी के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया था। मामला 2013 में भाजपा की प्रत्याशी रहीं समीरा पैकरा ने दर्ज कराया था। दर्ज की गई शिक़ायत के अनुसार जोगी ने शपथ-पत्र में अपना जन्म स्थान ग़लत बताया था।
सोनिया को लिखे कमलनाथ के मंत्री के खत ने खड़े किए कई सवाल। क्या मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस की सरकार चलेगी? ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रदेश अध्यक्ष बन पाएँगे? और सबसे महत्वपूर्ण क्या उमा भारती के 'मिस्टर बॅंटाधार' फिर से प्रदेश में पार्टी की कब्र खोद कर ही मानेंगे?