कॉन्ग्रेस के कार्यक्रम में जम कर चली कुर्सियाँ, बीच सभा में भागे ज्योतिरादित्य सिंधिया

मध्य प्रदेश में अभी सरकार और संगठन, दोनों के ही मुखिया कमलनाथ ही हैं। ऐसे में नेतृत्व परिवर्तन की सम्भावना को देखते हुए सिंधिया समर्थक लगातार शक्ति प्रदर्शन में लगे हैं। भोपाल में कॉन्ग्रेस दफ्तर के बाहर सिंधिया समर्थकों ने प्रदर्शन भी किया था।

पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की रैली में जम कर हुंड़दंग मचा। इंदौर में आयोजित रैली में अनुशासनहीन कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने ऐसा हंगामा किया कि नाराज़ सिंधिया बीच सभा में ही निकल गए। रविवार (सितम्बर 13, 2019) को आयोजित इस कार्यक्रम में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के ऊपर कुर्सियाँ फेंकी। एक दिन के दौरे पर इंदौर पहुँचे सिंधिया का कार्यकर्ताओं से मिलने का प्रोग्राम था। उनके स्वागत के लिए रंगून गार्डन में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

न सिर्फ़ निचले स्तर पर बल्कि मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस के शीर्ष स्तर पर भी सबकुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। कमलनाथ सरकार के मंत्री ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह पिछले दरवाज़े से राज्य सरकार चला रहे हैं। मामला सोनिया गाँधी तक पहुँचा, जहाँ से मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस में कलह की जाँच पार्टी की अनुशासन समिति को सौंप दी गई। पार्टी में गुना के पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और मुख्यमंत्री कमलनाथ के रूप में सत्ता के तीन धुर हो गए हैं।

सिंधिया की रैली की बात बात करें तो सारा हंगामा तब शुरू हुआ जब एक के बाद एक कार्यकर्ताओं ने मंच पर चढ़ना शुरू कर दिया। उस समय सिंधिया मंच पर ही मौजूद थे। होड़ लगा कर सिंधिया से मिलने मंच पर पहुँच रहे कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर कुर्सियाँ उछालनी शुरू कर दी। इस दौरान कई कुर्सियाँ टूट गईं और वहाँ कुर्सियों का ढेर लग गया।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

मध्य प्रदेश में अभी सरकार और संगठन, दोनों के ही मुखिया कमलनाथ ही हैं। ऐसे में नेतृत्व परिवर्तन की सम्भावना को देखते हुए सिंधिया समर्थक लगातार शक्ति प्रदर्शन में लगे हैं। भोपाल में कॉन्ग्रेस दफ्तर के बाहर सिंधिया समर्थकों ने प्रदर्शन भी किया था। कमलनाथ सोनिया गाँधी से मिल कर इस्तीफे की पेशकश भी कर चुके हैं। सिंधिया ने कहा कि उनका सारा ध्यान महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव पर है।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

कमलेश तिवारी हत्याकांड
आपसी दुश्मनी में लोग कई बार क्रूरता की हदें पार कर देते हैं। लेकिन ये दुश्मनी आपसी नहीं थी। ये दुश्मनी तो एक हिंसक विचारधारा और मजहबी उन्माद से सनी हुई उस सोच से उत्पन्न हुई, जहाँ कोई फतवा जारी कर देता है, और लाख लोग किसी की हत्या करने के लिए, बेखौफ तैयार हो जाते हैं।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

107,076फैंसलाइक करें
19,472फॉलोवर्सफॉलो करें
110,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: