कर्नाटक कॉन्ग्रेस के अंदरुनी खेमें से खटपट की ख़बरें आए दिन उजागर होती रहती हैं। इससे पार्टी की बिगड़ती छवि तो दिखती ही है, साथ में पार्टी के अंदर फैला गहरा असंतोष भी जगज़ाहिर होता है।
चिकने चेहरों की बात करने वाले सज्ज्न सिंह ये बताने का कष्ट करेंगे कि क्या वो इस नेता नगरी में कोई ब्यूटी कॉन्टेस्ट जीत कर आए थे, या उन्हें मंत्री पद दान में मिल गया था ?
नम्बी नारायणन को प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से अपनी डिग्री पूरी करने में मात्र 10 महीने लगे थे। मात्र 10 महीने? जेएनयू के ‘सेलेब्रिटी छात्रों’ ने अकेले टीवी स्टूडियो में ही 10 महीने से अधिक समय बिता दिया होगा।
2012 में 15 दिनों से भी ज्यादा दिन के गहन प्रचार-प्रसार के बाद प्रियंका ने अकेले अपने दम पर अमेठी-रायबरेली में कॉन्ग्रेस के सीटों की संख्या 7 से 2 पहुँचा दी थी।
गौरीगंज इलाके में किसानों ने माँग करते हुए कहा कि या तो राजीव गाँधी फाउंडेशन द्वारा किसानों की ज़मीनें उन्हें वापस कर दी जाए या फ़िर उन्हें रोज़गार प्रदान किए जाएँ।
लोग कर्ज माफ़ी को लेकर किसानों की दिक्कतों को बताने के लिए मंत्री से मिलने आए थे। लेकिन, जल्द ही मंत्री से मिलने पहुँचे लोगों और कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच की बहस हाथापाई में बदल गई।