स्थानीय लोगों का कहना था कि सरकार को इन विदेशियों के बारे में जानकारी होनी चाहिए थी लेकिन कुछ लोगों की मदद से इन लोगों को धार्मिक स्थल की आड़ में छिपाया गया। इन लोगों ने अपनी मेडिकल जाँच भी नहीं करवाई और बिहार में घूम-घूमकर इस्लाम का प्रचार करते रहे।
सीजेआई बोबडे ने कहा कि अब अदालत कोर्ट रूम में नहीं लगेगी। इसलिए वकीलों को भी आने की जरूरत नहीं। उन्होंने कहा कि हफ्ते भर बाद फिर से समीक्षा की जाएगी। उसके बाद निर्णय लिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट अगले आदेश तक केवल बेहद जरूरी मामलों की ही सुनवाई करेगा। वकीलों को लिंक मुहैया कराया जाएगा, जिससे वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर पाएँगे।
हरियाणा आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता और आईटी एवं सोशल मीडिया प्रमुख सुधीर यादव ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के घंटा बजाने को लेकर घटिया बयानबाजी करते हुए ट्विटर पर लिखा, “इसे देखकर मुझे मेरे स्कूल का चपरासी का याद आ गया और आपको?”
दिल्ली के जामिया नगर इलाके में एक कॉलोनी है- अबुल फजल। ये कॉलोनी रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान चर्चा में रही। कारण यहाँ की गलियों में गूँजे ‘आजादी’ के नारे! ये वैसे ही आजादी के नारे थे, जिन्हें कभी कश्मीर में अलगाववादियों द्वारा गला फाड़ चिल्लाया जाता था और जिनका समर्थन पाकिस्तान के आतंकी...
रिसर्च टीम में पीएचडी स्कॉलर प्रशांत प्रधान, आशुतोष पांडे और प्रवीण त्रिपाठी, पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोज डॉक्टर पारुल गुप्ता और अखिलेश मिश्रा एवं प्रोफेसर विवेकानंद पेरुमत, मनोज बी मेनन, जेम्स गोम्स और बिश्वजीत कुंडु शामिल हैं।
आयोजकों ने एक साजिश के तहत 21 मार्च की रात से ही मैसेज वायरल कर हजारों लोगों को इकट्ठा किया। इसके बाद रविवार सुबह जहाँ पूरा शहर कोरोनावायरस से लड़ने के लिए घरों में कैद था, वहीं ईदगाह मैदान में प्रदर्शनकारी धरने पर थे। इन सभी लोगों पर दूसरों की जान से खिलवाड़ करने के आरोप में FIR दर्ज किया गया है।
"चीन ने कोरोना वायरस को लेकर प्रारंभिक सूचना छिपाई, जिसकी सजा आज दुनिया भुगत रही है। अगर चीन ने इस आसन्न खतरे के बारे में पहले ही चेतावनी दे दी होती तो अमेरिका और पूरा विश्व इसके लिए ज्यादा बेहतर तरीके से तैयार होता।"
दिल्ली के हवाई अड्डे से घरेलू उड़ानों पर रोक के मुख्यमंत्री केजरीवाल की घोषणा के कुछ मिनटों बाद ही नागरिक उड्डयन के महानिदेशक (डीजीसीए) ने ट्वीट के जरिए साफ कर दिया है कि इंदिरा गाँधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से घरेलू फ्लाइट्स की उड़ानें जारी रहेंगी और एयरपोर्ट पहले की तरह काम करता रहेगा।
"लॉकडाउन के साथ यह खतरा है कि अगर हम मजबूत जन स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु जरूरी कदमों को प्रभाव में नहीं लाते हैं तो आवागमन आदि गतिविधियों पर लगी रोक और लॉकडाउन खत्म होते ही, इस वायरस के वापस लौटने की आशंका बनी रहेगी।"