"मैं वादा करता हूँ कि लिबर्टी और इंडिगो अब जीवन में कभी क्रूरता का सामना नहीं करेंगे, यहाँ तक कि किसी कसाई का हाथ तक उन्हें नहीं छू पाएगा। दोनों की देखरेख एक फार्म में की जाएगी। वो जैसे-जैसे बड़े होंगे, हमें याद आता रहेगा कि कुछ दोस्तियाँ अचानक से कहीं भी हो जाती हैं।"
पूछताछ के दौरान आरोपितों ने दुकान के मालिक इमरान के लावारिस पशुओं की हत्या में शामिल होने का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस ने कानून का उल्लंघन करने के मामले में इमरान का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
"मौलाना आज़ाद जैसे लोगों ने गोरक्षा का समर्थन किया, जो आज हमारे लिए ज़हर बन गया है। गोरक्षा की एंट्री भारत में खिलाफत से है, जब मौलानाओं ने कहा कि तुम खिलाफत में हमारी मदद करो, हम गोरक्षा में करेंगे। मुशरिक के दबाव में बोला जा रहा है कि वो गोकशी न करें।"
रामनरेश ने जब गाय काटने से रोका तो उसके साथ गाली-गलौज की गई। उसे कहा गया- तू बड़ा मोदी, योगी का भक्त बनता है, आज तुझे देख लेते हैं। उसके साथ मारपीट की। हमलावरों ने उसकी राइफल और पैसे भी छीन लिए।
भारी संख्या में मामले दर्ज होने के बावजूद किसी को दोषी इसलिए नहीं करार दिया जा पाता है क्योंकि माँस के बीफ़ होने का पता उसके सड़ने के पहले ही लगाया जा सकता है।
गोतस्करों के इस गिरोह का सरगना दिल्ली का जुल्फिकार उर्फ मुल्ला है। यह गिरोह गाजियाबाद, मेरठ, बागपत आदि जनपदों से गोवंश का कटान कर दिल्ली में मीट सप्लाई करता है।
गुरूवार की शाम रामपुर रोड स्थित नाले से बोरों में भरे करीब एक दर्जन गोवंशों के अवशेष मिले थे। ग्रामीणों ने इन अवशेषों को नाले में पड़े देखकर मामले की सूचना पुलिस को दी थी। मौके पर पहुँची पुलिस ने गोवंश की खाल, कटा हुआ सिर तथा अन्य अवशेष देखे।
दरोगा सहित 5 पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने की वजह से निलंबित कर दिया गया है। इस घटना की जाँच-पड़ताल के लिए 3 टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने कई मीट विक्रेताओं और मांसाहार परोसने वाले होटलों में छापा मारकर 13 संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
महात्मा गाँधी का मांनना था कि मुस्लिमों को गोहत्या से वंचित करने का अर्थ है उनसे जबरन हिन्दू धर्म कबूल करवाना। राष्ट्रपिता के अनुसार, अगर मुस्लिम बात नहीं मानते हैं तो गाय को मरने देना चाहिए। महात्मा गाँधी गोहत्या पर बिना मुस्लिमों की सहमति के प्रतिबन्ध लगाने के विरोधी थे।
पंजाब के सुनाम क्षेत्र से विधायक अमन अरोड़ा ने एक पत्र में आवारा पशुओं के मुद्दे को हल करने के चुनावी वादे पर लोगों को धोखा देने के लिए राज्य सरकार को कड़ी फ़टकार लगाई।