जिस महिला के फ़्लैट में यह जमावड़ा लगा था उसकी मालकिन का कहना है कि उनकी बेटी लम्बे समय से बीमार थी। इसी बीमारी से निजात पाने के लिए उन्होंने घर में कुरान ख्वानी का कार्यक्रम रखा था।
पुलिस ने कहा कि हिंदू परिवारों ने विरोध में ‘मकान बिकाऊ है’ लिखा था जिसे माहौल शांत कराने के बाद हटवाया गया है। क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है ताकी शांति और लॉ एंड ऑर्डर बना रहे।
सीबीआई जानना चाहती है कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के उस समय प्रिंसिपल रहे डॉ संदीप घोष और पीड़ित महिला डॉक्टर के साथ तैनात रहे 4 डॉक्टरों के बयान में कितनी सच्चाई है।