प्रशासन भले इसे पटाखे बनाने के दौरान हुआ विस्फोट बता रहा हो, लेकिन मीडिया रिपोर्टों से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। नजीर के बच्चों के बयान भी मेल नहीं खा रहे।
दायर चार्जशीट में फैजल फारुख को एक मुख्य साजिशकर्ता के रूप चिन्हित करते हुए कहा गया कि जब पूर्वोत्तर दिल्ली में दंगे हो रहे थे, उस समय वो तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद के करीबी अब्दुल अलीम के संपर्क में था।
इस जघन्य हत्याकांड के मामले में शाकिब, मुस्सरत, मुस्तकीम, रेशमा, इस्मत और अयान नाम के 6 आरोपित गिरफ्तार किए गए। शाकिब ने पीड़िता का हाथ इसलिए काट दिया था, क्योंकि उस पर उसके नाम का टैटू था।