अब्दुल इजेदी के 'करीबियों' ने उसे क्रिश्चियन कब्रिस्तान नहीं, बल्कि मुस्लिम कब्रिस्तान में दफनाया। यही नहीं, उसे दफनाने के लिए तथाकथित मुस्लिम धर्म के लोगों ने ऑनलाइंन फंडिंग अभियान भी चलाया।
बिलासपुर सेंट्रल जेल में गैंगवार की इस घटना में मौसीन खान उर्फ चूहा, आसिफ खान, रफीक खान, इंदीत खान, अब्दुल अयाज खान, अब्दुल मेहताब खान ने मिलकर अल्ताफ खान, फिरोज खान, जलील खान, कमर अली खान पर चम्मच को घिसकर बनाए हथियार से हमला कर दिया।
कोर्ट ने माना है कि आदिल अब्दुल पटेल ने एक योजना के तहत फर्जी आईडी बनाई और हिंदू लड़की को फँसाया। करीब चार साल तक उसने ऐसा किया। अगर आदिल को जमानत पर छोड़ दिया जाता है, तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा।
उत्तर प्रदेश के रामपुर की अदालत ने अकरम, मुस्तकीम और साजिद को अनुसूचित जाति के मजदूरों पर खतरनाक हथियारों से हमला करने और उन्हें गंभीर चोटें पहुँचाने का दोषी ठहराया है।