चाँदबाग़ में एक पुल है, जिसके दूसरी तरफ़ मुस्लिम बहुल क्षेत्र हैं। स्थानीय लोग इस पुलिया को 'बॉर्डर' भी कहते हैं। ताहिर ने घर इस तरीके से बनाया है कि उससे चारों ओर का इलाक़ा कवर हो और अंदर जो भी लोग हों, वे एकदम सुरक्षित रहें।
"हमारी बहन-बेटियों को भी लाठी उठानी पड़ी है। दंगाई आएँगे तो सबसे ज्यादा ख़तरा उन्हें ही है। हमने अपनी बहन-बेटियों को कह रखा है कि अगर हमें कुछ हो जाएँ तो वो पहले अपनी जान बचाएँ या ख़ुद मर जाएँ।"
कुछ विडियो सामने आए थे जिसमें दंगाई ताहिर के छत से पत्थरबाजी करते और पेट्रोल बम फेंकते दिखे थे। अब उसके घर की छत से पत्थरों और पेट्रोल बम का जखीरा मिला है। आरोप है कि आईबी कॉन्स्टेबल की हत्या उसके घर से निकली भीड़ ने ही की थी।
दंगों में हुई मौत में अब तक मिली जानकारी के अनुसार सात हिन्दू हैं जबकि कुछ के नाम और पहचान अभी सार्वजनिक होने बाकी हैं। जिन 5 लोगों के बारे में अभी पता नहीं चला है कि उनके नाम क्या हैं, वो हिन्दू भी हो सकते हैं और दूसरे मजहब के भी।
दिल्ली जब जल रही थी, तब मीडिया का एक वर्ग क्या कर रहा था? कोई दिल्ली पुलिस को गाली दे रहा था तो कोई कपिल मिश्रा को जिम्मेदार ठहरा रहा था। जान भी गँवाए दिल्ली पुलिस और गाली भी वही सुने? जिस उपद्रव में गाँधी को फासिस्ट बताया गया, उसे गांधीवादी कैसे साबित किया जा सकता है?
पुलिस ने जब हिंसा प्रभावित इलाकों की ड्रोन कैमरों के जरिए जाँच की तो दिल्ली के शिव विहार इलाके में दिल्ली पुलिस को कई घरों की छतों पर इक्कट्ठे किए हुए पत्थर देखने को मिले। पुलिस अब इन घरों को चिन्हित कर कार्रवाई की बात कह रही है।
AAP के संयोजक मयूर पंघाल (Mayur Panghaal) ने IB अधिकारी को अपमानित करते हुए सोशल मीडिया पर कई अपमानजनक ट्वीट किए। उसने ना सिर्फ मृतक अंकित शर्मा को ठुल्ला कहा, बल्कि यह भी कहा कि मरे हुए ठुल्ले के लिए उसे कोई अफ़सोस नहीं है।
मृत आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की माँ ने रोते हुए बताया कि उनके बेटे को मुस्लिम भीड़ घसीट कर ले गई। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि AAP के निगम पार्षद ताहिर हुसैन के गुंडों ने शर्मा को मार डाला। हुसैन के 5 मंजिला इमारत से लगातार पेट्रोल बम फेंके जा रहे हैं, उनके सैकड़ों लोग जमा हैं।
युवती ने बताया कि यह घटना जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर के पास की ही है। ऑपइंडिया को भेजे हुए संदेश में युवती ने बताया है कि मुस्लिम बस्ती में दिन में ही स्पीकर्स से ऐलान किया गया था कि दिन में बारह बजे के बाद दंगे होंगे।