बापूनगर स्मृति विद्यालय के आचार्य संदीप पाटिल की भी ड्यूटी लगी है। वो सुल्तान मोहल्ला के मदरसे में सर्वे करने पहुँचे थे। तभी भीड़ ने उन पर हमला बोल दिया।
चुन्नी भाई और मुक्ताबेन ने अपनी पूरे जीवन की कमाई अपने बेटे पीयूष का जीवन सुधारने में लगा दी, लेकिन अंत में पीयूष ने उनका हाल ऐसा किया कि उन्हें मौत को गले लगाना पड़ा।