भावेश ने अपनी शिकायत में कहा कि वो, राजू प्रजापति और एक अन्य साथी जुबली सर्कल पहुँचे, जहाँ निजाम और इरफान भी पहुँच गए। निजाम ने यहाँ राजू के सीने पर हमला बोल दिया।
जज ने अपने आदेश में कहा कि कुछ “आरोपित किसी पार्टी से जुड़े हो सकते हैं, लेकिन उन्हें कानून और व्यवस्था अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती और न ही कानून में ऐसा कोई प्रावधान है।”