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पथराव करने वाले कॉन्ग्रेसियों को नहीं मिली जमानत, तस्वीरें- CCTV देखने के बाद कोर्ट ने कहा- यह हमले का स्पष्ट मामला: राहुल गाँधी के हिंदू विरोधी बयान का हो रहा था विरोध​

राहुल गाँधी द्वारा संसद में हिंदुओं के खिलाफ की गई बयानबाजी के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था, जिसके बाद उनके विरोध प्रदर्शन पर कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने हमला किया था। इस दौरान कॉन्ग्रेसियों ने बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस पर भी पत्थरबाजी की थी।

अहमदाबाद में हिंदुओं, बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस पर हमला करने वाले कॉन्ग्रेस के 5 कार्यकर्ताओं की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। इन कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने 2 जुलाई को अहमदाबाद में पत्थरबाजी और दंगा किया था। बता दें कि राहुल गाँधी द्वारा संसद में हिंदुओं के खिलाफ की गई बयानबाजी के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था, जिसके बाद उनके विरोध प्रदर्शन पर कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने हमला किया था। इस दौरान कॉन्ग्रेसियों ने बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस पर भी पत्थरबाजी की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अहमदाबाद के सेशन जज जयेशकुमार ईश्वरलाल पटेल की कोर्ट ने पाँचों कॉन्ग्रेसियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने घटना की तस्वीरें और सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद कहा कि यह “एक सरकारी कर्मचारी पर हमले का स्पष्ट मामला” और “पुलिस तंत्र पर हमले का स्पष्ट मामला” है। कोर्ट ने यह भी ध्यान दिया कि घायल व्यक्ति के सिर पर आठ टांके भी लगे हैं। जज ने अपने आदेश में कहा कि कुछ “आरोपित किसी पार्टी से जुड़े हो सकते हैं, लेकिन उन्हें कानून और व्यवस्था अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती और न ही कानून में ऐसा कोई प्रावधान है।”

ये पाँच कॉन्ग्रेसी हुए थे गिरफ्तार

अहमदाबाद शहर में एक पुलिस कॉन्स्टेबल और भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) अध्यक्ष की दो शिकायतों के आधार पर कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गईं थी। इस मामले में हर्ष ईश्वरभाई परमार (23), विमलभाई पंसारा (50), मनीष ठाकोर (47), संजय बारोट (57), और मुकेशभाई दतनिया (68) को पालडी पुलिस स्टेशन के कॉन्स्टेबल कर्मराज भगवतसिंह द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। कॉन्स्टेबल भी झड़प में घायल हो गए थे।

एफआईआर में भगवतसिंह ने कॉन्ग्रेस नेता शहजादखान पठान (जो अहमदाबाद नगर निगम में विपक्ष के नेता भी हैं) और प्रगतिबेन नंदनिया के साथ-साथ “लगभग 200-250 कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं” और “150-200 बीजेपी कार्यकर्ताओं की भीड़” के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत दंगा और पथराव के साथ-साथ अन्य अपराधों में मामला दर्ज कराया गया था।

बता दें कि मंगलवार (2 जुलाई, 2024) को राहुल गाँधी के लोकसभा में हिन्दुओं को हिंसक कहने के बाद बजरंग दल और भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने अहमदाबाद कॉन्ग्रेस दफ्तर पर विरोध करने का ऐलान किया था। यह सभी कार्यकर्ता जब प्रदर्शन करते हुए कॉन्ग्रेस दफ्तर के पास पहुँचे तो उन पर हमला चालू हो गया। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता हाथों में लाठी-डंडे लेकर पुलिस और BJP कार्यकर्ताओं की ओर दौड़ते दिख रहे थे। इस वीडियो में कुछ कार्यकर्ता पथराव भी करते नजर आए। सबसे खास बात ये है कि इस भीड़ के साथ कॉन्ग्रेस विधायक भी मार्च करते दिख रहे थे, तो उनके आसपास के लोग विरोधी पक्ष पर हमला करते दिखे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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