कल गुरूद्वारे पर हमले के बाद पूरा अफगानिस्तान अपने सिख-हिन्दू भाइयों के लिए उमड़ पड़ा और अपनी सहानुभूति व्यक्त कर उसके साथ खड़े होने की दृढ़ता दिखाई। इस हमले पर अभी तक तालिबान की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस्लामिक स्टेट ने इसकी जिम्मेदारी लेकर एक बार फिर अपना घिनौना चेहरा दुनिया के सामने रख दिया। इधर भारत में लिबरल-वामपंथी गिरोह इसको लेकर चुप्पी साधे हुए है। जैसे उसने सुकमा में नक्सली हमले के वक्त साधा था।
"मैंने जामिया से MA किया है। प्रथम वर्ष में 67% अंकों के साथ टॉप भी किया था। लेकिन हिजाब वाली एक डायरेक्टर मुझे हमेशा नीचा दिखाती थी, क्योंकि उन्हें मेरा नाम नहीं पसंद था। नक्सलियों के प्रति झुकाव रखने वाले एक अन्य प्रोफेसर ने मुझे हमेशा कम नंबर दिए। जिहादी नक्सलियों की सॉंठगॉंठ काफी मजबूत है।"
शिवाजी सब कुछ छोड़ कर भक्तिभाव से तुकाराम के साथ रहना चाहते थे, किन्तु तुकाराम ने उनसे कहा कि आप जो कर रहे हैं वही आवश्यक है। परामर्श के लिए समर्थ गुरु रामदास से मिलने को कहा। समर्थ गुरु रामदास ने शिवाजी का योग्य मार्गदर्शन किया।
ये इंटरव्यू उसी महीने का है, जिस महीने नेहरू का निधन हुआ था। उसमें उन्होंने स्वीकार किया था कि हिन्दुओं ने कभी धर्मान्तरण नहीं किया लेकिन इस्लाम का ये हमेशा से एक अंग रहा है।
हिंदू युवा वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश राय के काफिले पर कल रात मेंहनगर में पथराव किया गया। इस पत्थरबाजी के कारण उनका वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। करीब 4 से 5 की संख्या में अराजक तत्वों ने उनके काफिले पर पथराव किया।
दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों में छोटे से लेकर बड़े तक, जवान से लेकर बूढ़े तक और महिलाओं से लेकर बच्चों तक - हर कोई शामिल था। इसे देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यह लड़ाई एक दिन या CAA विरोध की नहीं बल्कि गजवा-ए-हिंद के सपने को साकार करने की थी।
इस विडियो में आप देख सकते हैं कि किस तरह 'NO NRC, NO CAB' लिखी हुई दुकानें आगजनी से बच जाती हैं और ठीक उनके बगल में मौजूद हिन्दुओं की दुकानें जिन पर ऐसा नहीं लिखा होता चुन-चुन कर फूँक दी जाती हैं। ऐसा एक जगह नहीं, कई इलाक़ों में हुआ।
मार्च में शामिल लोगों ने इस बात पर चिंता जताई कि एक तरफ़ हिन्दू अपने रोजमर्रा के कार्य में व्यस्त रहते हैं, वहीं समुदाय विशेष वाले सड़क जाम कर अपनी साजिशों को अंजाम देने में लगे रहते हैं।
इस्लामी भीड़ और उनकी तैयारी को देखकर ऐसा लग रहा था कि वह पहले तो हिंदुओं की दुकानों और फिर हमारे मकानों को अपना निशाना बनाना चाहते थे। अच्छा हुआ दिल्ली पुलिस का कि उसने समय रहते हालातों को काबू में कर लिया।
भारतीय प्रवासियों ने पाकिस्तान में एक नाबालिग हिंदू लड़की महक कुमारी, जिसे जबरन इस्लाम में परिवर्तित किया गया था और सिंध में मुस्लिम व्यक्ति से शादी कराई गई थी, के लिए न्याय की माँग की। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'जस्टिस फॉर महक कुमारी', 'स्टैंड अप फॉर ह्यूमन राइट्स' जैसे पोस्टर लेकर नारे लगाते दिखे।