ख़ुद को स्टैंड-आप कॉमेडियन बताने वाले अतुल खत्री ने हिन्दुओं और सिखों के महत्वपूर्ण त्योहार लोहड़ी का सोशल मीडिया पर मज़ाक उड़ाया। कई लोगों को खत्री की बात अश्लील भी लगी और उन्होंने इस पर आपत्ति जताई। खत्री ने लिखा कि वो 'बहन की लोहड़ी (Behen Ki Lohri)' में जा रहे हैं।
"यदि हम हिंदुओं से घृणा नहीं करते हैं, अपनी सरकार को या सुरक्षा बलों को खलनायक नहीं बताते, तो यहाँ आपको सराहा नहीं जाएगा। सराहा तब जाएगा जब आप देश के भविष्य के बारे में निराशावादी हों, पाकिस्तान से और उसके आतंकियों से प्यार करें... इसलिए क्षमा करें मुझे ऐसे प्यार की जरूरत नहीं।"
पाकिस्तानी हिन्दुओं ने बताया कि उबर के ड्राइवर नसीम ने उन्हें नीचे उतरने को कहा। जैसे ही वो नीचे उतरे, वो गाड़ी लेकर फरार हो गया। तेजिंदर बग्गा ने उबर ड्राइवर नसीम द्वारा पाकिस्तानी हिन्दू शरणार्थियों को गाड़ी से निकाल बाहर किए जाने की निंदा की।
दानिश कनेरिया ने आरोप लगाया कि कई पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने लीग मैच खेलने के लिए देश के क्रिकेट को किनारे पर रखा। अपना दर्द बयाँ करते हुए कनेरिया ने कहा कि उनके पास रोज़गार नहीं है, वो एक दशक से बेरोज़गार हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास परिवार भी है, उनकी मदद कौन करेगा?
हाल ही में पाकिस्तानी क्रिकेट टीम में हिंदू होने के कारण दानिश कनेरिया के साथ भेदभाव की बात सामने आई है। अब पूर्व क्रिकेटर अफरीदी ने अपनी कट्टरता का दिखाई है। उनसे सवाल टीवी तोड़ने को लेकर किया गया और जवाब में उन्होंने हिंदू परंपराओं को नीचा दिखाने की कोशिश की।
"मेरी हालत बहुत ख़राब है और मैंने पाकिस्तान और दुनियाभर में कई लोगों से मदद की गुहार लगाई है लेकिन अभी तक मुझे कोई मदद नहीं मिली है। हालाँकि, पाकिस्तान में कई क्रिकेटरों की समस्याओं को सुलझाया गया है। मैंने एक क्रिकेटर के नाते पाकिस्तान के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और मुझे इसका गर्व है।"
थापा ने दुनिया के हिन्दुओं को वामपंथ के ख़िलाफ़ खड़े होने और सनातन धर्म के गौरव की रक्षा करने का आह्वान किया है। थापा ने कहा, "आइए दुनिया के सभी हिन्दू सनातन धर्म की महिमा को संरक्षित करने के लिए एकजुट हों।"
इसके साथ ही नागरिकता की दादी ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे का नाम ‘भारत’ रखा था, तभी से उनके मन में था कि एक दिन वो भारत जरूर जाएँगी। उन्होंने अपनी बेटी का नाम ‘भारती’ रखा और अब अपनी पोती का नाम ‘नागरिकता’ रखा है।
पटना हाईकोर्ट ने यह फैसला सीआरपीएफ के एक पूर्व असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर की अपील पर सुनाया। जिन्होंने कुछ समय पहले पहली पत्नी के साथ गुजर-बसर करने के दौरान ही सीआरपीएफ की एक महिला कॉन्स्टेबल सुनीता उपाध्याय से शादी कर ली थी।