भक्त संत कनक हरिदास की इस मूर्ति का 22 मई 2024 को अनावरण किया जाना था, लेकिन मुस्लिमों के विरोध की वजह से न सिर्फ मूर्ति को हटाना पड़ा, बल्कि इस कार्यक्रम को ही रद्द करना पड़ा।
साध्वी प्रज्ञा, कर्नल पुरोहित और मेजर रमेश के साथ जो हुआ... उसे देख कहना गलत नहीं कि यूपीए सरकार सिर्फ हिंदू आतंकवाद की थ्योरी को सही साबित करना चाहती थी।