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‘आप जो कलावा पहनते हैं, वह स्क्रीन पर नहीं दिखना चाहिए’: देश में चल रहा था UPA का शासन, जानिए पत्रकारों को कैसे हड़काते थे दूरदर्शन के अफसर

लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने बताया था कि उन्हें 2005 में दूरदर्शन पर एक धार्मिक भजन गाने से रोक दिया गया था क्योंकि इसमें कहा गया था कि भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था।

देश में UPA शासनकाल के दौरान सरकारी चैनल डीडी न्यूज पर पत्रकारों को कलावा पहन कर आने से रोका जाता था। इसके लिए एक बड़े पत्रकार अशोक श्रीवास्तव को विशेष रूप से निर्देश दिया गया था। दूरदर्शन पर राम के उन भजनों को दिखाने से रोका जाता था जिनमें अयोध्या को राम जन्मभूमि बताया गया हो। इसके अलावा कॉन्ग्रेस राज में प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेन्द्र मोदी का इंटरव्यू भी काट छाँट कर चलाया गया था।

डीडी न्यूज के पत्रकार और एंकर अशोक श्रीवास्तव ने कलावा पहनने से रोकने की बात का खुलासा किया है। अशोक श्रीवास्तव ने बताया, “जब UPA की सरकार थी, तब मुझे एक दिन आला अफसरों ने बुलाया। मैं अपनी पहचान के तौर पर कलावा बाँध कर रखता हूँ, UPA सरकार के दौरान कहा गया कि आप जो कलावा पहनते हैं, वह स्क्रीन पर नहीं दिखना चाहिए।” अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि यह घटना 2006 के आसपास की होगी।

अशोक श्रीवास्तव के इस खुलासे से पहले भी कॉन्ग्रेस राज के दौरान दूरदर्शन को हिन्दू प्रतीकों को ना दिखाने का आरोप भी लग चुका है। इस बारे में लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने एक समाचार शो में खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि उन्हें 2005 में दूरदर्शन पर एक धार्मिक भजन गाने से रोक दिया गया था क्योंकि इसमें कहा गया था कि भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था।

उन्होंने इसको लेकर बताया था, ”एक समय था जब मुझे सार्वजनिक प्रसारक दूरदर्शन के लिए गाने के लिए नियुक्त किया गया था। मैंने उन्हें भगवान राम के जन्म पर एक भजन गाने की पेशकश की थी। शुरू में, वे इसके लिए सहमत हुए लेकिन जब मैंने गाना शुरू किया, तो इसमें एक श्लोक शामिल था जिसमें अयोध्या में भगवान राम के जन्म का उल्लेख था। अचानक, वे आए और मुझसे कहा कि यह ऑन एयर नहीं हो सकता और मुझसे दूसरा भजन गाने के लिए कहा।”

कॉन्ग्रेस पर दूरदर्शन को अपने राजनीतिक एजेंडे से चलाने का भी आरोप है। 2014 में प्रधानमंत्री प्रत्याशी नरेन्द्र मोदी के एक इंटरव्यू को दूरदर्शन पर काट छाँट कर चलाया गया था। उस समय पूरे 56 मिनट का इंटरव्यू महज 28 मिनट में, बिना किसी को जानकारी दिए प्रसारित किया गया था। इंटरव्यू से जो हिस्सा काटा गया वहाँ मोदी ने प्रियंका गाँधी और अहमद पटेल पर अपनी सॉफ्ट बातों को रखा था। लेकिन मोदी का यह कॉर्नर दिखाना शायद सिरकार कें नेतृत्व में दूरदर्शन को नामंजूर था।

कॉन्ग्रेस ने 2004 में सत्ता में आते ही बड़ी सँख्या में पत्रकारों को नौकरी से निकाला था। दूरदर्शन से निकाले जाने वालों में पत्रकार दीपक चौरसिया भी थे। चौरिसया ने हाल ही में एक शो में इस बात का में खुलासा किया था। उन्होंने यह बात कॉन्ग्रेस के ओबीसी आरक्षण को लेकर की जाने वाली राजनीति को लेकर कही थी।

उन्होंने बताया, “आरक्षण पर कॉन्ग्रेस पार्टी ने जितना फेक नैरेटिव फैलाया है, ऐसा कभी नहीं हुआ। मैं सच बोलूँ तो आधे लोगों को पता नहीं होगा। मैंने राहुल गाँधी का एक वीडियो देखा, जिसमें वो OBC पत्रकार ढूँढ रहे हैं। मैं हूँ न, मैं सामने बैठा हूँ। 2004 में राहुल गाँधी और उनकी पार्टी ने मुझे दूरदर्शन से निकाल कर बाहर कर दिया था। मैं DD का हेड था। मैं ओबीसी पत्रकार था, तब उनको नहीं दिखाई दिया।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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